एफडीए एवं केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने करनाल के अस्पताल में की छापेमारी

Edited By Isha, Updated: 12 Aug, 2022 04:08 PM

joint team of fda and central drugs standard control organization raided

हरियाणा के एफडीए एवं केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर करनाल स्थित पार्क अस्पताल के ब्लड सेंटर पर एफडीए हरियाणा एवं केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने गलत ब्लड ग्रुप का रक्त एक मरीज को देने के...

चंडीगढ़( चंद्र शेखर धरणी):    हरियाणा के एफडीए एवं केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर करनाल स्थित पार्क अस्पताल के ब्लड सेंटर पर एफडीए हरियाणा एवं केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की संयुक्त टीम ने गलत ब्लड ग्रुप का रक्त एक मरीज को देने के संदर्भ की जांच हेतु छापा मारा। मरीज के परिजनों की शिकायत थी कि गलत खून की वजह से मरीज की मृत्यु हुई है। इसके अलावा, टीम ने जांच में बाधा करने,मारपीट करने इत्यादि के लिए ब्लड सेंटर के कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई है। 

इस संबध में जानकारी देते हुए एफडीए के एक प्रवक्ता ने बताया कि टीम में गुरूचरण सिंह एसडीसीओ करनाल तथा वरूण कुमार ड्रग कंट्रोल आॅफिसर, भारत सरकार शामिल थे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया गया कि मरीज कृष्ण देव को एक अगस्त को पार्क अस्पताल में दाखिल किया गया और उसका ब्लड ग्रंप एबी पाॅजेटिव बताया गया। इस बारे टीम को हस्पताल से जरूरी दस्तावेज़ भी प्राप्त हुए जिन्हें टीम द्वारा अपनी रिपोर्ट में लिखा गया है। जांच में पता चला कि हस्पताल ने एक अन्य रिपोर्ट बी पाॅजेटिव  रक्त ग्रुप होने के भी  पुष्टि  हुई थी। 

गौरतलब है कि मरीज की स्थिति खराब होने पर परिजनों ने उसे अमृतधारा अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां भी डाॅक्टरों की सलाह पर मरीज को रक्त देने की जरूरत बताई गई। अमृतधारा अस्पताल में मरीज का ब्लड ग्रुप बी पाॅजेटिव बताया गया, जबकि पार्क अस्पताल ने एबी पाॅजेटिव रक्त चढ़ाया गया। इस बारे में एफडीए हरियाणा एवं भारत सरकार की संयुक्त टीम ने पाया कि ब्लड सेंटर, पार्क होस्पीटल ने एक रिपोर्ट बी पाॅजेटिव की भी बनाई हुई थी जबकि उससे संबंधित रिकाॅर्ड जैसा कि Cross Match Record, Log Book  (लाॅग बुक), ब्लड सेंपल इत्यादि न दिखा सके जोकि नियमानुसार बनाना एवं जांच के दारान दिखाना जरूरी है। ऐसे ही, खून की Requisition Slip  तथा Issue Slips  दोेनो ब्लड ग्रुप यानि एबी पाॅजेटिव एवं बी पाॅजेटिव दोनो मौके पर मिली। ब्लड सेंटर एवं अस्पताल प्रशासन ने जरूरी रिकार्ड को जांच टीम को न दिखाना यानि के सबूतों को नष्ट किया गया।  टीम भी निष्कर्ष पर पहुंचने हेतु कागजाज/सबूत जुटा रही थी। 

इधर, तैश में आकर अस्पताल के लोगों ने टीम के अधिकारी गुरचरण सिंह से कागजात और मोबाइल छीन लिया, मारपीट की, गाली-गलौच किया तथा जान से मारने की धमकी दी। टीम के इंचार्ज गुरचरण सिंह ने रमेश चन्द्र, याद राम, डाॅ, विरेन्द्र सोबती, अशोक बेरवाल के खिलाफ मारपीट करने, मोबाइल छीनने व जान से मारने की धमकी देने बारे थाना सदर करनाल में एफआईआर दर्ज करवा दी है।  

प्रवक्ता ने बताया कि ब्लड सेंटर द्वारा अनियमितताएं करने के चलते टीम ने ड्रग एक्ट में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी कार्य बंद करने के तुरंत प्रभाव से आदेश दिये तथा ब्लड सेंटर में मौजूद रक्त एवं रक्त अवयव (ब्लड कंपोनेंटर) कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज करनाल के सुपर्द करने के आदेश दिये, ताकि उन्हें एक्पायर होने से बचाया जा सके।

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