Edited By Isha, Updated: 11 Jan, 2026 12:26 PM

ओवरलोडिंग के चालान का लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे मालवाहक वाहनों के मालिकों पर प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। डिफाल्टर वाहन मालिकों को लंबित चालान राशि जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है
डेस्क: ओवरलोडिंग के चालान का लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे मालवाहक वाहनों के मालिकों पर प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। डिफाल्टर वाहन मालिकों को लंबित चालान राशि जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। इसके बाद डिफाल्टर वाहनों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों को मौके पर ही इंपाउंड कर लिया जाएगा और चालान राशि जमा कराने के बाद ही छोड़ा जाएगा।
राज्य परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जिला परिवहन अधिकारी सह सचिव और प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरणों के कार्यालयों में जाकर वाहन मालिक चालान राशि जमा करा सकते हैं। ओवरलोडिंग से निपटने के लिए प्रदेश सरकार पहले ही सभी एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट की शक्तियों को बढ़ाते हुए वाहनों के चालान काटने की पावर दे चुकी है। पहले केवल आरटीए को ही चालान काटने की पावर दी गई थी।
प्रदेश में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रक, डंपर व ट्रैक्टर-ट्रालियां क्षमता से अधिक मात्रा में सामान लोड कर हाईवे पर निकलते हैं। इससे हादसों का डर बना रहता है। ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण के लिए परिवहन मंत्री अनिल विज भी सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें जब्त करने का निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद ओवरलोड वाहन सड़कों पर बिना किसी डर के दौड़ रहे हैं।