Edited By Isha, Updated: 19 Feb, 2026 11:46 AM

हरियाणा सरकार अब परिवार पहचान पत्र (PPP) व्यवस्था में बड़े तकनीकी बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार इस सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाने की योजना
डेस्क: हरियाणा सरकार अब परिवार पहचान पत्र (PPP) व्यवस्था में बड़े तकनीकी बदलाव की तैयारी कर रही है। सरकार इस सिस्टम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़कर इसे अधिक पारदर्शी और डेटा-आधारित बनाने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत एक ही दस्तावेज से पूरे परिवार की वास्तविक आय, संपत्ति और वित्तीय स्थिति यानी “वर्थ वैल्यू” का समेकित आकलन किया जा सकेगा।
हरियाणा PPP अथॉरिटी की टीम ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल AI समिट में विशेषज्ञों से इस विषय पर परामर्श लिया। अथॉरिटी के कोऑर्डिनेटर सतीश खोला के अनुसार, सरकार वर्ष के अंत तक इन बदलावों को लागू कर सकती है।
सरकार की योजना है कि AI की मदद से परिवार के सभी सदस्यों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी, किसान आईडी, आभा आईडी, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन, आयकर विवरण और अन्य वित्तीय जानकारियों को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए। इन सभी डेटा स्रोतों को PPP से लिंक कर परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जाएगा।
इस कदम का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो वर्तमान में फैमिली आईडी में कम आय दिखाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। AI आधारित विश्लेषण से आय, संपत्ति, खर्च और जीवनशैली के पैटर्न का तुलनात्मक आकलन किया जाएगा। यदि किसी परिवार ने कम आय घोषित की है, लेकिन उनके बच्चे महंगे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं या बैंक खातों में उच्च लेन-देन दर्ज है, तो सिस्टम स्वतः विसंगति (discrepancy) चिन्हित कर देगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई परिवार अपने बच्चे की 10 हजार रुपये मासिक फीस चुका रहा है, तो सालाना 1.20 लाख रुपये को उसकी वर्थ वैल्यू में जोड़ा जाएगा। लग्जरी खर्च, वाहन खरीद, प्रॉपर्टी लेन-देन और डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड भी विश्लेषण के दायरे में आएंगे।
सरकार का तर्क है कि इससे पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सही पहचान संभव होगी। वर्तमान में हरियाणा में लगभग 56.34 लाख लोग राज्य की 18 प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इनमें 9.22 लाख महिलाओं को लाडो-लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मासिक सहायता मिल रही है, जबकि 34 लाख से अधिक बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगजन सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।