हिसार में किन्नरों ने बधाई में मांगे 1 लाख रुपए, परिवार को बुलानी पड़ी पुलिस, फिर जो हुआ

Edited By Manisha rana, Updated: 23 Aug, 2025 03:44 PM

hisar eunuchs asked for 1 lakh rupees in congratulations

हिसार में पुलिस कर्मचारी के घर पोता होने पर बधाई मांगने पहुंचे किन्नरों द्वारा एक लाख रुपए का शगुन मांगने पर हंगामा हो गया। परिवार ने 5 हजार से ज्यादा रकम न देने से मना कर दिया, जबकि किन्नर 1 लाख रुपए लेने पर अड़े रहे।

हिसार (विनोद सैनी) : हिसार में पुलिस कर्मचारी के घर पोता होने पर बधाई मांगने पहुंचे किन्नरों द्वारा एक लाख रुपए का शगुन मांगने पर हंगामा हो गया। परिवार ने 5 हजार से ज्यादा रकम न देने से मना कर दिया, जबकि किन्नर 1 लाख रुपए लेने पर अड़े रहे। विवाद बढ़ने पर किन्नरों ने ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया। मामला अधिक उलझता देख परिवार ने डायल 112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को देख किन्नरों के तेवर ढीले पड़ गए। 2 घंटे तक चले हंगामे के बाद में किन्नर परिवार की मर्जी से दो हजार रुपए पैसे लेने पर राजी हो गए।

जानकारी के मुताबिक यह मामला हिसार के गांव शिकारपुर का है। गांव के रहने वाले पुलिस हवलदार सतबीर घोड़ेला के परिवार में 6 दिन पहले पोते का जन्म हुआ था। आज इसकी खबर किन्नरों को चली तो वे बधाई मांगने पहुंच गए। सतबीर के बेटे प्रवीण ने बताया कि घर में आते ही किन्नरों ने मंगल गीत गाने शुरू कर दिए। यह देख आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार ने भी किन्नरों का स्वागत किया, मगर मंगल गीतों के बाद जब बधाई देने का वक्त आया तो किन्नरों ने एक लाख रुपए की मांग रख दी जिसे सुनकर परिवार के होश उड़ गए। परिवार ने पहले  5 हजार और दो सूट देने की बात कही थी। 

प्रवीण ने किन्नरों को बताया कि हमारे खेत पानी में डूबे हुए हैं और अभी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद किन्नरों ने 51 हजार देने की बात कही। प्रवीण के मुताबिक जब वो नहीं माने तो मजबूर होकर मुझे डायल 112 बुलानी पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिसकर्मी संदीप कुमार ने बताया कि परिवार का आरोप था कि किन्नर जबरदस्ती कर रहे हैं और मान नहीं रहे। उधर पुलिस को देख किन्नरों के तेवर भी ढीले पड़ गए। पुलिसकर्मियों के समझाने पर किन्नर परिवार की मर्जी से पैसे लेने पर राजी हो गए। वहीं इस मामले में किन्नरों ने कहा कि यह परिवार नौकरी पेशे वाला परिवार है, इसलिए यहां हमने 11000 रुपए मांगे। गांव में गरीब घरों में हम 200 से 300 रुपए भी लेते हैं। परन्तु यह परिवार नहीं माना। बाद में परिवार ने जो खुशी से दिया, हमने ले लिया।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!