Edited By Yakeen Kumar, Updated: 17 Nov, 2025 05:22 PM

हरियाणा में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार अब बड़े पैमाने पर ‘क्लीन एयर’ प्रोजेक्ट लागू करने जा रही है।
चंडीगढ़ : हरियाणा में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार अब बड़े पैमाने पर ‘क्लीन एयर’ प्रोजेक्ट लागू करने जा रही है। यह योजना एआई फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल के तहत चलाई जाएगी। विश्व बैंक ने इसके लिए 3500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और परियोजना 2026 से शुरू होकर 5 वर्षों तक चलेगी।
इस प्रोजेक्ट के तहत एनसीआर क्षेत्र में 200 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें निजी एजेंसियों की सहभागिता से विकसित किया जाएगा। परिवहन क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए प्रथम चरण में गुरुग्राम में 200, सोनीपत में 100 और फरीदाबाद में 200 नई ई-बसें सड़कों पर उतरेंगी। इसके साथ ही 10 हजार ई-ऑटो खरीदने वालों को 15,000 से 35,000 रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। पुराने और प्रदूषणकारी 17 लाख वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और उनकी पहचान के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित होंगे, जिनमें 210 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 300 इकाइयों पर सीईएमएस डिवाइस लगाए जाएंगे, जिससे रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा। अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले बॉयलरों को स्वच्छ ईंधन विकल्पों में बदलने की तैयारी भी योजना में शामिल है।
कृषि क्षेत्र में पराली प्रबंधन के लिए बायोमास और ब्रिकेटिंग प्लांट्स को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही IOCL के 2G इथेनॉल प्लांट के जरिए अवशेषों का उपयोग किया जाएगा। जिले स्तर पर आग लगने की घटनाओं की निगरानी की जाएगी और कृषि विभाग फसल अवशेष प्रबंधन पर विशेष ध्यान देगा।
प्रोजेक्ट के संचालन के लिए अर्जुन की ओर से सीईओ, संयुक्त सीईओ, तकनीकी विशेषज्ञों और नोडल अधिकारियों के साथ पीएमयू गठित की जाएगी। इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में जीरो स्टबल बर्निंग और प्रदूषण मुक्त हरियाणा बनाने का है।
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