Edited By Krishan Rana, Updated: 13 Aug, 2026 08:18 PM
हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जर्जर स्कूलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में राजकीय स्कूलों की
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जर्जर स्कूलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रदेशभर में राजकीय स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने शिक्षा विभाग से स्कूलों में सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट तलब की है। आगामी सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी।
दरअसल, 6 अगस्त को सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला गढ़ी बिलिंदा के मुख्य प्रवेश द्वार का एक हिस्सा नीचे गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से 11 वर्षीय यश कुमार मलबे के नीचे दब गया। पहले उसे गन्नौर अस्पताल में ले जाया गया।
इसके बाद भगत फूल सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय में दाखिल कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना में स्कूल का चौकीदार को भी चोटिल हुआ था। लिहाजा, बच्चे की मौत मामले पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने घटना को गंभीर मानते हुए न केवल जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं, बल्कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों, प्रवेश द्वारों, चारदीवारियों और अन्य ढांचागत व्यवस्थाओं की सुरक्षा का व्यापक आकलन कराने को कहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय चौकीदार मुख्य गेट के ऊपर उगी घास और बेलों को हटाने का प्रयास कर रहा था। इन्हें खींचे जाने के दौरान गेट और पिलर से जुड़ी ईंटों की संरचना ढह गई।
आयोग ने स्कूल की कथित जर्जर स्थिति का भी संज्ञान लिया है। रिपोर्टों में दीवारों में दरारें, छत से पानी का रिसाव और अन्य संरचनात्मक कमियों का उल्लेख है। यह भी सामने आया है कि स्कूल की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर पहले चिंता जताई गई थी तथा ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया गया था।
‘पहचान नहीं, सुधार जरूरी’
आयोग ने स्पष्ट किया कि असुरक्षित स्कूल भवनों की पहचान कर केवल रिपोर्ट तैयार कर देना पर्याप्त नहीं है। कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध, ठोस और सत्यापन योग्य कार्रवाई जरूरी है। आयोग ने अपने पूर्व स्वतः संज्ञान मामला संख्या 10/7/6/2025 का भी उल्लेख किया, जिसमें हिसार जिले के जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का मामला उठाया गया था।
आयोग ने पूछा कि उस मामले में दिए गए आश्वासनों और निवारक उपायों को वास्तव में लागू किया गया या नहीं और उनके जमीनी अनुपालन की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था बनाई गई। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से स्कूल की सुरक्षा स्थिति, पूर्व निरीक्षण और शिकायतों, मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों, घटना की जांच और पुलिस जांच, संभावित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा मृतक बच्चे के माता-पिता या कानूनी वारिसों को दिए गए अथवा प्रस्तावित मुआवजे की जानकारी मांगी है।
पूरे प्रदेश के स्कूलों की मांगी रिपोर्ट
आयोग ने राज्य के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, संरचनात्मक सुरक्षा और रखरखाव का व्यापक आकलन प्रस्तुत करने को कहा है। विशेष रूप से सोनीपत जिले के प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में असुरक्षित प्रवेश द्वार, मेहराब, चारदीवारी, छत या अन्य कमजोर संरचनाओं की पहचान तथा उन पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा गया है।
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