बिना पुलिस चौकी के संचालित होगा गुडग़ांव बस अड्डा, 35 हजार यात्रियों की सुरक्षा पर संशय

Edited By Isha, Updated: 25 Dec, 2020 02:57 PM

gurgaon bus station to be operated without police post

प्रदेश के अंबाला के बाद सबसे पुराने गुडग़ांव बस अड्डा अब बगैर पुलिस चौकी के संचालित होगा। पीडब्ल्यूडी ने बस अड्डे की बिल्ंिडग जर्जर होने पर सुरक्षा कारणों से इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था। पुलिस चौकी न होने से

गुडग़ांव: प्रदेश के अंबाला के बाद सबसे पुराने गुडग़ांव बस अड्डा अब बगैर पुलिस चौकी के संचालित होगा। पीडब्ल्यूडी ने बस अड्डे की बिल्ंिडग जर्जर होने पर सुरक्षा कारणों से इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था। पुलिस चौकी न होने से असामाजिक तत्वों से हजारों यात्रियों की सुरक्षा किस तरह होगी यह अब गंभीर मामला बन गया है। कंडम घोषित होने के बावजूद कई गतिविधियों के संचालन होने पर रोडवेज अधिकारियों की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। करीब 30 वर्ष से अधिक समय से गुडग़ांव बस अड्डे की पुलिस चौकी को हटा दिया गया है।

पीडब्ल्यूडी के बीएण्डआर ब्रांच की टीम ने बस अड्डा बिल्डिंग के निरीक्षण करने के बाद इसे कंडम करार दिया था। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में ही बिल्डिंग को खतरनाक घोषित किए जाने के बावजूद बस अड्डे में पुलिस चौकी का संचालन हो रहा था। यही नहीं बिल्ंिडग के कुछ हिस्से का छज्जा भी गिर चुका है। खास बात यह है कि कुछ वर्ष पहले रोडवेज के बस अड्डा के पूछताछ केंद्र को हटाकर डिपो में शिफ्ट कर दिया था। 

नये वर्ष के चंद दिनों पहले गुडग़ांव बस अड्डे से पुलिस चौकी को हटाए जाने के बाद प्रतिदिन यहां से जानेवाले करीब 35 हजार यात्रियों और 600 ट्रिप बसों की सुरक्षा पर संशय बना हुआ है। 
कोरोना काल में सीमित सं या में हरियाणा रोडवेज की सामान्य व वोल्वो बस, किलोमीटर स्कीम, कॉपरेटिव सोसायटी, मेवात व कमाल, गुरुगमन सिटी बस सेवा भी चलती है।

पूछताछ केंद्र तो हटा लेकिन अन्य कार्यालय जर्जर इमारत में चलते रहे
बस अड्डा बिल्डिंग को जर्जर घोषित किए जाने के बाद रोडवेज के पूछताछ कक्ष, मोटर ट्रेनिंग प्रशिक्षण केंद्र, रेस्ट रूम को हटाकर डिपो में शिफ्ट कर दिया। लेकिन पुलिस चौकी, चौकी इंचार्ज ऑफिस, यूनियन ऑफिस, रोडवेज के टिकट काउंटर बूथ फिर भी चलते रहे। बस अड्डे के कई पीलर तक कई बार दरक चुके  है। ऐसे पीलर के दरकने की फोटो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रही। खतरनाक बिल्ंिडग घोषित किए जाने के बावजूद जान हथेली पर लेकर ऐसी गतिविधियों के संचालन की जानकारी के बावजूद रोडवेज के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
 

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