प्रचार के अभाव में अटकी विभाग की गंगाजल योजना, बोतलें लेने को लेकर लोगों का रुझान हुआ कम

Edited By Isha, Updated: 01 Feb, 2020 12:50 PM

ganga water plan of stuck department due to lack of publicity

डाक विभाग की डाक से गंगाजल लोगों को मुहैया करवाने की गंगाजल योजना 2016 में पूरे जोशों-खरोश के साथ शुरू की गई थी लेकिन शुरू होने के बाद से अब तक इस योजना को लेकर ज्यादा रिस्पांस ........

जींद (हिमांशु) : डाक विभाग की डाक से गंगाजल लोगों को मुहैया करवाने की गंगाजल योजना 2016 में पूरे जोशों-खरोश के साथ शुरू की गई थी लेकिन शुरू होने के बाद से अब तक इस योजना को लेकर ज्यादा रिस्पांस नहीं मिला। प्रचार प्रसार के अभाव में यह गंगाजल योजना दम तोड़ती दिखाई दे रही है। जिस कारण लोगों का विभाग से गंगाजल की बोतलें लेने को लेकर रुझान कम दिखाई दे रहा है। महीने में मात्र 5 से 6 बोतलों की बिक्री ही डाक विभाग के जिला मुख्यालय से हो रही है।

डाक विभाग ने लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ते हुए यह योजना शुरू की शुरुआत की थी। इसमें लोगों को घर बैठे हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा जल की सुविधा है लेकिन डाक विभाग की यह योजना लोगों को ज्यादा पसंद नहीं आ रही है। इसके चलते लोग डाकघर से गंगा जल खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे। शहरवासी विनोद कौशिक, अजय, जितेंद्र श्योराण, विकास बूरा, मयंक, सुनील की माने तो उनका कहना था कि हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा जल से लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी है।

लोग ऋषिकेश और हरिद्वार जाकर गंगा जल लेकर आते हैं लेकिन डाक विभाग जो गंगा जल ग्राहकों को मुहैया करवा रहा है उसकी क्या गारंटी कि वह शुद्ध गंगा जल है। उनका कहना था कि जींद से हरिद्वार जाने में भी काफी कम समय लगता है। डाक विभाग की यह योजना साल 2016 में शुरू  की गई थी। योजना के शुरूआत में ही डाक विभाग के जिला मुख्यालय पर गंगा जल उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए अलग से गंगा जल काऊंटर बना दिया लेकिन उस काऊंटर पर पिछले कुछ समय से काफी कम गंगा जल बिकता है। यह काऊंटर खाली पड़ा रहता है। 
 

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