कैथल में ACB का बड़ा एक्शन; पब्लिक हेल्थ विभाग के 3 कर्मचारी रिश्वत लेते दबोचे, इतने में की थी डील...

Edited By Krishan Rana, Updated: 20 Feb, 2026 05:33 PM

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हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सहित 3 कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कमल कांत तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारी बलजीत और अशोक के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार विजिलेंस टीम ने तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया जब वे ठेकेदार से 30 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। इसमें डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कमल कांत 20 हजार रुपये, जबकि HKRN कर्मचारी बलजीत और अशोक 5-5 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले रहे थे।

25 से 30 लाख रुपये के बिल पास करने के एवज में मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार गांव औरत निवासी ठेकेदार विशाल ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत दी थी कि उसने वर्ष 2016 से 2025 के दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग के तहत कई विकास कार्य किए थे। इन कार्यों के करीब 25 से 30 लाख रुपये के बिल विभाग में लंबित थे। आरोप है कि इन बिलों को पास करने के बदले डिप्टी सुपरिंटेंडेंट कमल कांत और HKRN कर्मचारी बलजीत व अशोक उससे रिश्वत की मांग कर रहे थे।

ठेकेदार विशाल ने इस मामले की शिकायत कैथल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी कर्मचारियों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों को रंगे हाथ काबू कर लिया।

विजिलेंस टीम ने मौके से बरामद किए रिश्वत के रुपये
कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। इस रेड के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में डीआरडीओ चंद्रमोहन मौके पर मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने सूबे सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में अन्य कोई कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है।

इस कार्रवाई के बाद पब्लिक हेल्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। 

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