पूर्व गृह मंत्री अनिल विज का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' डायल 112 बना त्वरित राहत का भरोसेमंद सिस्टम

Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Apr, 2026 09:40 PM

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हरियाणा में आपातकालीन सेवाओं को तेज, सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई डायल 112 सेवा आज

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा में आपातकालीन सेवाओं को तेज, सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई डायल 112 सेवा आज प्रदेश की जनता के लिए राहत और सुरक्षा का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, झगड़े-फसाद, स्वास्थ्य आपात स्थितियों और अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में यह सेवा लगातार लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाने का काम कर रही है।

प्रदेश में इस महत्वपूर्ण व्यवस्था को लागू करवाने और उसे केवल कागजों तक सीमित न रहने देकर जमीन पर असरदार प्रणाली में बदलने में पूर्व गृह मंत्री अनिल विज की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है। डायल 112 को उन्होंने एक सामान्य सरकारी योजना के रूप में नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा और भरोसे से जुड़ी संवेदनशील व्यवस्था के तौर पर देखा।
शुरुआत में आईं चुनौतियां, लेकिन सिस्टम को पटरी पर लाया गया
डायल 112 सेवा के शुरुआती दौर में कई तरह की चुनौतियां सामने आई थीं। सबसे ज्यादा सवाल रिस्पॉन्स टाइम को लेकर उठे। कई स्थानों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि पुलिस या इमरजेंसी टीमों को मौके पर पहुंचने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। ऐसे समय में इस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार समीक्षा, मॉनिटरिंग और प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत थी।
बताया जाता है कि पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने इस सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग की, अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ली और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि यह सेवा केवल दिखावे की नहीं, बल्कि जनता की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ी जवाबदेह व्यवस्था के रूप में काम करे।

तकनीकी खामियां दूर करने से लेकर फील्ड सुधार तक हुई कड़ी मशक्कत,डायल 112 को प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया। रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया गया,तकनीकी खामियों को दूर किया गया,कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता बढ़ाई गई,फील्ड स्टाफ की कार्यशैली में सुधार लाया गया। मौके पर पहुंचने वाली टीमों की जवाबदेही तय की गई।

इन सुधारों के पीछे लगातार फॉलोअप, सख्ती और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का बड़ा योगदान रहा। यही कारण है कि समय के साथ डायल 112 सेवा ने अपनी कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया और धीरे-धीरे लोगों के बीच भरोसेमंद बनती चली गई।
 

आज डायल 112 केवल नंबर नहीं, सुरक्षा का प्रतीक
वर्तमान समय में हरियाणा में डायल 112 केवल एक हेल्पलाइन नंबर भर नहीं रह गया है, बल्कि यह त्वरित सुरक्षा, प्रशासनिक तत्परता और सरकारी जवाबदेही का प्रतीक बनकर सामने आया है। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में इसकी उपयोगिता बढ़ी है, वहीं सड़क हादसों और झगड़ों जैसी घटनाओं में भी यह सेवा लोगों के लिए पहली उम्मीद बनती जा रही है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि डायल 112 की आज जो स्वीकार्यता और उपयोगिता दिखाई दे रही है, उसके पीछे इसे सख्ती, संवेदनशीलता और परिणाम देने वाली प्रणाली में बदलने की सोच काम करती रही है।
 

जनता की कसौटी पर खरा उतरता सिस्टम
आज के दौर में जब जनता किसी भी सरकारी सेवा को उसके रिजल्ट से परखती है, ऐसे में डायल 112 हरियाणा में काफी हद तक जनता की कसौटी पर खरा उतरता नजर आ रहा है। इस व्यवस्था की सफलता इस बात में है कि संकट की घड़ी में आम नागरिक को यह भरोसा मिले कि मदद समय पर पहुंचेगी।
डायल 112 की मौजूदा मजबूती के पीछे पूर्व गृह मंत्री अनिल विज की प्रशासनिक दृढ़ता, सतत निगरानी और सिस्टम को जवाबदेह बनाने की कार्यशैली को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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