पंजाब केसरी की कुर्बानी को भूलना आम आदमी पार्टी की एक अति नीचता की निशानी है : संजय भाटिया

Edited By Krishan Rana, Updated: 06 Mar, 2026 07:10 PM

forgetting the sacrifice of punjab kesari is a sign of extreme meanness of aam a

परिपक्व, कूटनीति के बेहद धुरंधर सिपाही, भाजपा के बेहद समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में माने जाने वाले पानीपत के संजय भाटिया

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी):  परिपक्व, कूटनीति के बेहद धुरंधर सिपाही, भाजपा के बेहद समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता के रूप में माने जाने वाले पानीपत के संजय भाटिया जो पूर्व में 2019 के लोकसभा चुनाव में देश में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करके अपनी काबिलियत एवं लोकप्रियता को साबित कर चुके हैं। उन्हें इस बार पार्टी ने राज्यसभा के रूप में मैदान में उतारा है। अपनी जीत को लेकर वह पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

 उन्हें मैदान में उतार कर पार्टी ने सीधे तौर पर पंजाब के चुनाव में एक बड़ा लाभ लेने की तैयारी की है। क्योंकि संजय भाटिया हरियाणा में पंजाबी समुदाय के बड़ा चेहरा माने जाते हैं। जिसका सीधा लाभ पंजाब के चुनाव में पार्टी को हो सकता है। उनका नाम फाइनल होने के बाद पूरे प्रदेश में युवाओं में खास तौर पर एक बड़ी खुशी की लहर नजर आ रही है। पंजाब केसरी ने उनसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बातचीत की, इसके कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत है:-

प्रशन:- पार्टी के प्रति समर्पण भाव और 2019 चुनाव में बेहतर रिजल्ट का रिवॉर्ड आपको राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में मिला, क्या कहेंगे ? 
उत्तर:- मैं पार्टी का शुक्रगुजार हूं। 1987 से जब आप और मैं इक्कठे पढ़ते थे उस समय भी मैं संगठन में युवा मोर्चा में जिम्मेदारी का निर्वहन करता थ। उसके बाद कई मोर्चे और प्रकोष्ठों में मैंने जिम्मेदारियां निभाई है। अनेकों प्रदेशों में पार्टी के लिए सेवा करने का मुझे मौका मिला है और मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझ जैसे कार्यकर्ता पर पार्टी ने विश्वास जताया है।

प्रशन:- हिंदुस्तान में एक बड़े मार्जन से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड आपका नाम दर्ज है, उसके बावजूद आपने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी के लिए अपनी सीट की कुर्बानी दी थी, क्या यह उसी कुर्बानी का फल है ?
उत्तर:- यह कुर्बानी का शब्द शायद ठीक नहीं है। क्योंकि 2019 में जब मनोहर लाल जी का नाम फाइनल हुआ मुझे बहुत ज्यादा खुशी हुई। क्योंकि वह मुझसे 1000 गुना ज्यादा बेहतर व्यक्ति हैं जो धरातल से जुड़े रहे और सदा पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। वह मुझसे कहीं अधिक योग्य हैं। 
हिंदुस्तान में यह लोगों का प्यार था कि मुझे इतनी रिकॉर्ड तोड़ वोटो से जीत दी थी। क्योंकि देश में मोदी जी की लहर थी, उनके कामों को देखकर इसका फायदा उसका फल आशीर्वाद के रूप में मुझे मिला। हमें भी नहीं पता था कि इतने मार्जन से जीत होती है। यह संगठन का निर्णय था कि मनोहर लाल जी का नाम फाइनल हुआ। मनोहर लाल जी मुख्यमंत्री रहे मुझ जैसे हजारों कार्यकर्ताओं को उन्हें उन्होंने आगे बढ़ाया है। अब मुझे राज्यसभा में हरियाणा के लिए कार्य करने का मौका मिला है, यह मेरा सौभाग्य है और परिवर्तन संसार का नियम है और समय-समय पर परिवर्तन भी आवश्यक है।

 प्रशन:- आपको मनोहर लाल के नवरत्नों में शामिल माना जाता है और आप पर मनोहर लाल जी खूब विश्वास करते हैं ?
 उत्तर:- यह शब्द कहीं नवरत्न है या उनके खास हैं, अभी कल परसों मैं पढ़ रहा था कि चेले थे यह बातें उचित नहीं है। हम एक परिवार की तरह हैं। मनोहर लाल जी ने बेशक शादी नहीं की, लेकिन पूरा हरियाणा उनका परिवार है। वह सभी को अपना परिवार मानते हैं। इसीलिए ही आज गरीब की बेटी आई ए एस बनती है। पुलिस अधिकारी बनती है। पहले राजनेताओं के बच्चे ही बड़े पदों पर बैठते थे। यह पार्टी का सुझाव होता है पार्टी को मनोहर लाल जी अपना सुझाव अवश्य भेजते हैं। उन नामो पर पार्टी विचार करती है। उसके बाद किसे फाइनल करना है यह पार्टी का फैसला होता है।

 प्रशन:- आपका नाम आने के बाद युवाओं में बड़ा उत्साह देखा जा रहा है ?
उत्तर:- मैंने लंबे समय तक छात्र राजनीति की। आप और मैं आमने-सामने चुनाव भी लड़ चुके हैं। स्टूडेंट यूनियन के जीएस चुनाव में हम आमने-सामने थे और आप एक वोट से चुनाव जीत गए थे। यह भी एक इतिहास है। हम अच्छे दोस्त हैं। बेशक आज अलग-अलग सेवाओं में है। आज मेरी उम्र 58 से पार है। लेकिन मैं आज भी युवाओं में युवाओं की तरह ही इकट्ठे बैठकर बात करता हूं। संगठन पर चर्चा करता हूं और मित्रता जैसी मुलाकात करता हूं। इसलिए मेरा इंटरेस्ट भी युवाओं में है और युवा भी मेरा सम्मान करते हैं। मैं अपने बच्चों से भी इसी प्रकार से बात करता हूं।

प्रशन:- पंजाब चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पूरी सक्रिय है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भूमिका अति उत्तम मानी जा रही है, क्या आप भी पंजाब में चुनावी ड्यूटी निभाएंगे ?
उत्तर:- नायब सिंह वास्तव में बेहद श्रेष्ठ नेता है। ऐसा लगता है जैसे हरियाणा के साथ-साथ वह पंजाब का भी नेतृत्व कर रहे हैं। हर धार्मिक सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी देखी जा रही है। वैसे भी पंजाब और हरियाणा का नाता बड़े भाई और छोटे भाई जैसा है। विपक्ष की भी सरकारे रही, ओमप्रकाश चौटाला जी भी पंजाब को बड़ा भाई बताते थे। मेरी ड्यूटी जहां भी पार्टी लगाएगी, कोई मनाही नहीं है। पिछले साढे तीन महीने से मैं लगातार वेस्ट बंगाल में ड्यूटी पर हूं और डेढ़ महीने तक मेरी ड्यूटी वही रहेगी। राज्यसभा चुनाव भी बीत जाएंगे उसके बाद मेरी ड्यूटी पूरी होगी। उसके बाद केरल और पंजाब जहां-जहां चुनाव है, पार्टी जहां मुझे भेजेगी मैं जाने के लिए तैयार रहूंगा।

 प्रशन:- पंजाब में आम आदमी पार्टी ने जिस प्रकार का घटिया कृत्य पंजाब केसरी संस्थान के साथ किया, आप क्या कहेंगे ?
उत्तर:- पंजाब केसरी एक अखबार नहीं बल्कि एक मिशन है। पंजाब केसरी की कुर्बानी को भूलना एक अति नीचता की निशानी है। शायद देश की आजादी में सबसे बड़ी कुर्बानी देने वाला परिवार पंजाब केसरी परिवार है। अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब शायद आम आदमी पार्टी नहीं समझती। अखबार भी एक अभिव्यक्ति है। इमरजेंसी के समय के दौरान भी पंजाब केसरी समूह झुका नहीं।

बेशक मैं उनसे कभी मिलता नहीं, लेकिन उनके विचारों को और कामों को देखकर काफी प्रभावित रहता हूं। रोजाना शहीद परिवारों को चैरिटी के रूप में एक बड़ा दान पंजाब केसरी समूह करता है। चैरिटी के नाम पर एक पूरे पूरे पेज पर सूची उनकी छपती है। शायद यह गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो। क्योंकि इतनी बड़ी चैरिटी किसी समूह ने नहीं की होगी। उस सूची को देखकर पूरा देश पंजाब केसरी को एक सम्मान और गर्व की नजर से देखता है। लेकिन शायद आम आदमी पार्टी की विचारधारा और सोच देश से अलग है। ऐसे पेपर समूह के साथ ऐसा व्यवहार अति निंदनीय है। यह घटिया सोच का एक उदाहरण है। जिसका खामियाजा इसी चुनाव में आम आदमी पार्टी को भुगतना होगा।

जो मुख्यमंत्री जबरदस्ती केजरीवाल ने पंजाब को थोपा उसे मैंने पार्लियामेंट में भी देखा उस जैसा व्यवहार शायद किसी और नेता का नहीं था। इसलिए पंजाब आज दिवालियापन का शिकार है। हरियाणा रोज तरक्की कर रहा है। केजरीवाल का एक गलत फैसला पंजाब के भविष्य को अंधकार में डाल गया है। आज केजरीवाल एक कोर्ट के फैसले के बाद जो मगरमच्छ की आंसू देश के सामने रो रहा है, उसे देश की जनता खूब समझती है। यह नाटक केवल जनता की सहानुभूति लेने के लिए है।

 प्रशन:- राज्यसभा के लिए जो कैंडिडेट कांग्रेस ने फाइनल किया, ऐसी चर्चा है कि कांग्रेसी कार्यकर्ता उसे जानते तक नहीं ?
 उत्तर:- बजट को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर भोजन का आयोजन था, उसमें पक्ष और विपक्ष के बहुत से नेता मौजूद थे. हम सभी लोग सामाजिक- संस्कृति के अनुसार एक दूसरे का सम्मान करते हैं। बेशक राजनीतिक विचारधारा अलग हो, लेकिन मन में कभी किसी से रंजिश नहीं रखते।

इस दौरान देखा कि सच में कांग्रेसियों में एक बड़ी निराशा थी कि कैसे व्यक्ति को जिसे हम जानते तक नहीं उसे टिकट दे दी गई। जिसने कभी पार्टी के लिए काम नहीं किया, जो कभी कार्यकर्ता समर्थक तक नहीं रहा। क्योंकि सभी को पता है कि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है। उसमें लोकतंत्र का कोई नामोनिशान नहीं। जिस व्यक्ति के उस परिवार के साथ व्यक्तिगत संबंध होंगे तो वह परिवार पूरी पार्टी को ताक पर रख देती है। यह इतिहास है इससे बेशक कांग्रेसियों में कितना ही रोश हो उससे उन लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता।

 प्रशन:- राज्यसभा में पहुंचने के बाद आपके मुख्य टारगेट हरियाणा के लिए क्या रहेंगे ?
 उत्तर:- अधिकतर हरियाणा के लिए ही मेरा टारगेट रहेगा। मैं हरियाणा में जन्मा हूं। हरियाणा का बच्चा हूं। 1966 में हरियाणा का जन्म हुआ और 1967 में मेरा जन्म हुआ। मैं पानीपत में जन्मा, हरियाणा की मिट्टी में पला बढ़ा और हरियाणा की संस्कृति मेरे रोम रोम में है और 2014 में जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल बने तब से एक जबरदस्त परिवर्तन हरियाणा में देखा गया है। आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी है जो नौकरी पहले सिफारिश और पैसे से मिलती थी आज गरीब के परिवार को नौकरी मिलती है। आज पढ़ाई और योग्यता को प्राथमिकता मिलती है। आज जो छोटी-छोटी सरकारी सुविधा घंटा लाइन में लगे रहने के बाद मिलती थी, आज ऑनलाइन फैसिलिटी मिनट में मिलती है।

राशन और पेंशन के लिए बुजुर्ग सड़कों पर, पार्कों में, स्कूलों में पूरा-पूरा दिन बैठते थे उस तकलीफ को मनोहर लाल ने समझा। बेशक उन्हें अति आलोचना को भी सहन करना पड़ा बावजूद उसके वह अपने फैसले पर अडिग रहे जिसका फल आज हरियाणा की जनता को मिल रहा है। आज पढ़े-लिखे युवा नौकरी पाते हैं और नायब सिंह सैनी उस परंपरा को जारी रखे हुए मृदु भाषी व्यक्तित्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। आज गरीब से गरीब व्यक्ति हमारे मुख्यमंत्री का हाथ पकड़ कर अपनी बात बताता है। पब्लिक डीलिंग के दौरान शायद आज तक कभी उनसे कोई नाराज ना हुआ हो। ऐसे स्वभाव वाले मुख्यमंत्री आज हरियाणा का नेतृत्व कर रहे हैं।

मैं एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं और मेरे जैसे कार्यकर्ताओं को जो पार्टी इतना सम्मान बक्शा है तो ऐसी पार्टी और ऐसी पार्टी के नेता वास्तव में एक श्रेष्ठ सोच का उदाहरण है। आज हरियाणा जैसी श्रेणी के सभी प्रदेशों को उठाकर देखो हरियाणा उन में नंबर वन की स्थिति पर है। आज सबसे अधिक रिवेन्यू हरियाणा जनरेट करता है। जीएसटी के मामले में हरियाणा हिंदुस्तान में नंबर वन है। आज व्यापारी भी खुश है, क्योंकि यहां ट्रांसपेरेंसी है।

जब तक मैन हैंड रहेगा तब तक कहीं ना कहीं कुछ फायदा नुकसान होगा, यह सदियों की रीत है। लेकिन बहुत कुछ ऑनलाइन हो चुका है, जिसका लाभ जनता को मिल रहा है और बहुत से फैसले आने वाले समय में देखे जाएंगे। हरियाणा नंबर वन आज भी है और जिस प्रकार के व्यक्तित्व के व्यक्ति हरियाणा को नेतृत्व करने के लिए दिए जा रहे हैं, हरियाणा सदा नंबर वन पर बना रहेगा।

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