Edited By Isha, Updated: 29 Nov, 2025 03:41 PM

राज्य के खेल विकास कार्यों की धीमी गति और लापरवाही का एक कड़ा उदाहरण जींद के एकलव्य स्टेडियम के रूप में सामने आया है। वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 12 करोड़ रुपये
जींद : राज्य के खेल विकास कार्यों की धीमी गति और लापरवाही का एक कड़ा उदाहरण जींद के एकलव्य स्टेडियम के रूप में सामने आया है। वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 12 करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ भूमि पर निर्मित यह आधुनिक स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
स्टेडियम की जर्जर हालत के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बास्केटबॉल कोर्ट की है, जहाँ बास्केटबॉल का पोल जर्जर हालत में है।
पूरे प्रदेश में चिंता का विषय
इस समस्या ने प्रदेश भर के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक और बहादुरगढ़ में अमन की अभ्यास के दौरान हुई घटनाओं ने खेल विभाग के विकास कार्यों की पोल खोल दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जींद ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में अनेकों स्टेडियम आज जर्जर हालत में हैं।
अधिकारियों की लीपापोती और संसाधनों की कमी
स्थानीय स्तर पर, अधिकारियों द्वारा अब लीपापोती करने की कोशिशें की जा रही हैं। फुटबॉल कोच ने मीडिया को बताया कि जल्द ही बास्केटबॉल के कोर्ट को दुरुस्त किया जाएगा।
हालाँकि, एक अन्य अधिकारी अनिल ने बताया कि जींद जिले में बास्केटबॉल के प्रशिक्षण के लिए केवल दो ही कोच उपलब्ध हैं, जो संसाधनों की गंभीर कमी को दर्शाता है।
अनिल ने खिलाड़ियों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि, “अगर आपके आस-पास खिलाड़ियों के मैदान या स्टेडियम में कोई खामी है, तो अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। यह हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।” इस बीच, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद निर्मित हुई सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य के युवा बिना किसी जोखिम के खेल अभ्यास जारी रख सकें।