Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 02 Oct, 2025 08:46 PM

तेज बरसात ने विजयदशमी का उत्सव पटौदी-जाटोली मंडी में पूरी तरह से फीका कर दिया। विभिन्न रामलीला ग्राउंड में बरसात का भारी मात्रा में पानी भर गया। वहीं पानी ज्यादा होने की वजह से रावण का पुतला जलने से पहले ही जमीन पर गिर गया और यहां हुए जलभराव में डूब...
गुड़गांव, (ब्यूरो): तेज बरसात ने विजयदशमी का उत्सव पटौदी-जाटोली मंडी में पूरी तरह से फीका कर दिया। विभिन्न रामलीला ग्राउंड में बरसात का भारी मात्रा में पानी भर गया। वहीं पानी ज्यादा होने की वजह से रावण का पुतला जलने से पहले ही जमीन पर गिर गया और यहां हुए जलभराव में डूब गया।बरसात के कारण जलभराव होने के कारण रामलीला को रद्द करना पड़ गया। बताया जाता है कि एकाएक आई बरसात के बाद रामलीला में लगे हुए ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामान को भारी नुकसान पहुंचा है,। वहीं, अब शेष रामलीला का मंचन शुक्रवार को करने का फैसला लिया गया है।
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शाम तक मौसम ठीक था लेकिन जैसे ही शाम के चार बजे एक-एक घनघोर घटाएं छा गई और तेज बरसात शुरू हो गई कुछ ही मिनट में भारी बारिश हो गई जिसकी वजह से पूरे पटौदी क्षेत्र में सड़कों पर पानी भर गया वहीं जाटोली मंडी स्थित पुरानी अनाज मंडी टोडापुर क्षेत्र में पानी की निकासी में होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वीरवार को हुई बरसात से जहां दशहरा उत्सव फीका पड़ गया वहीं, बरसात से किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। किसानों को गेहूं की फसल की बुवाई के लिए अब सोचना नहीं पड़ेगा। माना जा रहा है कि यह बरसात किसानों के लिए सोना बनकर बरसी है और इस बरसात के बाद अब बुवाई का काम सभी किसान जल्द ही शुरू कर देंगे। किसान मुकेश कुमार का कहना है कि वह बरसात का इंतजार कर रहे थे। बरसात किसी वरदान से काम नहीं है। इससे मौसम भी बदलेगा और उन्हें बिजाई करने में भी सुविधा होगी।