दिल्ली ब्लास्ट जांच: रडार पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी के 200 डॉक्टर-स्टाफ, कई टीमें कर रहीं हैं तफ्तीश

Edited By Deepak Kumar, Updated: 20 Nov, 2025 03:45 PM

delhi blast 200 doctors and staff at al falah university under investigation

दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके की जांच अब तेज हो गई है और एजेंसियों का फोकस सीधे अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद पर आ गया है। जानकारी के मुताबिक यूनिवर्सिटी के 200 से ज्यादा डॉक्टर, लेक्चरर और स्टाफ अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

डेस्कः दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके की जांच अब तेज हो गई है और एजेंसियों का फोकस सीधे अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद पर आ गया है। जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के 200 से ज्यादा डॉक्टर, लेक्चरर और स्टाफ अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। कैंपस में कई एजेंसियां मिलकर तफ्तीश कर रही हैं और परिसर में अस्थायी कमांड सेंटर भी स्थापित कर दिया गया है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसता हुआ

सूत्रों के अनुसार, अब तक 1000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हॉस्टल और आउटसाइड रहने वाले छात्रों के कमरों की तलाशी जारी है। कई कर्मचारियों को बुधवार को सामान लेकर यूनिवर्सिटी से निकलते हुए देखा गया। कुछ लोग छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहे हैं। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि धमाके के बाद किन-किन लोगों ने यूनिवर्सिटी छोड़ी और किसने अपने मोबाइल डेटा डिलीट किया।

नूंह में पूछताछ तेज 

नूंह में एक 35 वर्षीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिला को हिरासत में लिया गया है, जिसने आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी को कमरा किराए पर दिया था। महिला धमाकों के बाद से फरार थी। उमर द्वारा नूंह में कई मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाने की भी जांच हो रही है। उसके संपर्क में आए 7 अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

कैंपस में कई जांच एजेंसियां सक्रिय

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इस समय कई एजेंसियां संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, उत्तर प्रदेश ATS, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अब मंगलवार को ED की टीम ने भी कैंपस में एंट्री की। सभी ने यूनिवर्सिटी परिसर में अस्थायी कमांड सेंटर बना लिया है।

GMC अनंतनाग में भी जांच, AK-47 केस के बाद सतर्कता बढ़ी

जम्मू-कश्मीर के GMC अनंतनाग में डॉक्टरों व स्टाफ के लॉकरों की जांच शुरू हो चुकी है। इस महीने की शुरुआत में यहीं डॉ. अदील राथर के लॉकर से AK-47 बरामद हुआ था। इसी मॉड्यूल से 2900 किलो विस्फोटक भी पकड़ा गया था। अब अस्पताल में सभी अनक्लेम्ड लॉकर चिह्नित किए जा रहे हैं और रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आगे और बड़े खुलासों की आशंका

दिल्ली ब्लास्ट और “व्हाइट कॉलर” आतंकी मॉड्यूल के खुलासे से जांच एजेंसियों ने अब मेडिकल कॉलेजों और प्रोफेशनल संस्थानों में भी अपने दायरे को बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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