ऋषिहुड यूनिवर्सिटी ने ‘सज्जन अग्रवाल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी SASTech’ की घोषणा की

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 23 Feb, 2026 06:12 PM

rishihood university announces sajjan aggarwal school of technology sastech

Rishihood University ने औपचारिक रूप से ‘सज्जन अग्रवाल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी (SASTech)’ की घोषणा की, जो भारत का पहला एंडाउड (निधि-समर्थित) डीप-टेक स्कूल है और जिसका उद्देश्य देश की तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करना है।

गुड़गांव ब्यूरो : Rishihood University ने औपचारिक रूप से ‘सज्जन अग्रवाल स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी (SASTech)’ की घोषणा की, जो भारत का पहला एंडाउड (निधि-समर्थित) डीप-टेक स्कूल है और जिसका उद्देश्य देश की तकनीकी संप्रभुता को सुदृढ़ करना है। रणनीतिक दृष्टि के साथ स्थापित SASTech का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे अग्रणी क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम नई पीढ़ी के इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों का निर्माण करना है। वैश्विक तकनीकी और आपूर्ति श्रृंखलाओं में तीव्र बदलाव के इस दौर में SASTech को एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया है—ऐसे सिस्टम-लेवल विचारकों और डीप-टेक आर्किटेक्ट्स को तैयार करना जो भारत के तकनीकी भविष्य को आकार दे सकें। ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ फाउंडर्स के सदस्य, वरिष्ठ उद्यमी और परोपकारी श्री सज्जन अग्रवाल ने कहा: “एंडाउड मॉडल गहरी क्षमता निर्माण के प्रति पीढ़ीगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत अपनी तकनीकी यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। यदि हम तकनीकी संप्रभुता को लेकर गंभीर हैं, तो हमें ऐसे संस्थानों में निवेश करना होगा जो सतही कौशल नहीं, बल्कि गहरी क्षमता विकसित करें। SASTech को शोध, सिस्टम इनोवेशन और अग्रणी तकनीकों के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के रूप में डिज़ाइन किया गया है। एक एंडाउड डीप-टेक स्कूल हमें दशकों में सोचने की स्थिरता देता है, सेमेस्टरों में नहीं—और यही भारत को AI, रोबोटिक्स और एडवांस्ड कंप्यूटिंग में नेतृत्व दिला सकता है।”

 

यह स्कूल दो उद्योग-संलग्न स्नातक कार्यक्रम प्रदान करता है:

कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

कंप्यूटर साइंस एवं डेटा साइंस

इन कार्यक्रमों को पारंपरिक कंप्यूटर साइंस शिक्षा से आगे बढ़ाते हुए इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि छात्र पहले वर्ष से ही लाइव इंडस्ट्री समस्याओं, उन्नत शोध अनुभव और हैंड्स-ऑन सिस्टम्स इंजीनियरिंग से जुड़ सकें। ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) शोभित माथुर ने इस पहल की शैक्षणिक दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा: “भारत में तकनीकी शिक्षा को केवल कोडर्स तैयार करने से आगे बढ़कर सिस्टम आर्किटेक्ट्स और समस्या-समाधानकर्ताओं को विकसित करना होगा।

 

SASTech में छात्र पहले दिन से ही लाइव इंडस्ट्री चुनौतियों, उन्नत शोध और अंतर्विषयी सोच से जुड़ेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसे इंजीनियर तैयार करना है जो एंड-टू-एंड समाधान डिज़ाइन कर सकें—ऐसे पेशेवर जो केवल एल्गोरिद्म ही नहीं, बल्कि अपने द्वारा निर्मित प्रणालियों के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों को भी समझें। घोषणा का एक प्रमुख आकर्षण AI स्टूडियो का उद्घाटन रहा, जिसमें NVIDIA से प्राप्त तीन उच्च-प्रदर्शन GPU वर्कस्टेशन्स स्थापित किए गए हैं। यह सुविधा छात्रों को वास्तविक AI वर्कलोड, मॉडल ट्रेनिंग और डीप-लर्निंग प्रयोगों पर परिसर में ही कार्य करने में सक्षम बनाएगी।

 

कार्यक्रम में निम्नलिखित गतिविधियाँ भी शामिल रहीं:

SASTech श्वेतपत्र (White Paper) का विमोचन, जिसमें शैक्षणिक दर्शन और डीप-टेक रोडमैप प्रस्तुत किया गया

लॉस एंजेलिस, अमेरिका में आयोजित होने वाले Pan IIT 2026 मीट के टाइटल स्पॉन्सर के रूप में SASTech की घोषणा

रोबोटिक्स लैब और ह्यूमन ऑग्मेंटेशन लैब के प्रदर्शन

ऋषिहुड के अंतर्विषयी टेक इकोसिस्टम का कैंपस टूर

 

प्रेस ब्रीफिंग और प्रश्नोत्तर सत्र

ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के सह-संस्थापक एवं सीईओ साहिल अग्रवाल ने कहा: “राष्ट्रों का भविष्य इस बात से तय होगा कि वे आधारभूत तकनीकों का निर्माण और नियंत्रण किस हद तक कर सकते हैं। SASTech इस विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है कि भारत को केवल वैश्विक नवाचार का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका जनक भी बनना चाहिए। छात्रों को वास्तविक कंप्यूट वातावरण, उन्नत प्रयोगशालाओं और वैश्विक शोध नेटवर्क से जोड़कर हम ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं जहाँ डीप-टेक नवाचार एक अपवाद नहीं, बल्कि स्वाभाविक परिणाम बने।” इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं ऋषिहुड यूनिवर्सिटी के चांसलर  सुरेश प्रभु सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। डार्टमाउथ कॉलेज के एक प्रतिनिधि ने कहा: “डीप-टेक में सफलता उन वातावरणों से निकलती है जहाँ कठोर शोध, कंप्यूटेशनल अवसंरचना और अंतर्विषयी सहयोग का समन्वय हो। SASTech की विशेषता यह है कि यह वैश्विक शैक्षणिक मानकों को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने का प्रयास करता है। यह मॉडल भारत को अग्रणी शोध और सिस्टम-लेवल इनोवेशन में गंभीर योगदानकर्ता बना सकता है।”

 

SASTech के अवसंरचना ढाँचे में उन्नत प्रयोगशालाएँ शामिल हैं, जिनका फोकस निम्नलिखित क्षेत्रों पर है:

रोबोटिक्स एवं स्वायत्त प्रणालियाँ

ह्यूमन ऑग्मेंटेशन

AI एवं डेटा सिस्टम्स

स्कूल ने स्टैनफोर्ड-प्रशिक्षित कंप्यूटर साइंस पीएचडी, वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों और डीप-टेक शोधकर्ताओं को पूर्णकालिक एवं अतिथि भूमिकाओं में जोड़ा है। ये विशेषज्ञ पाठ्यक्रम निर्माण, अनुप्रयुक्त शोध, मेंटरशिप और उद्योग-संबद्ध परियोजनाओं में योगदान देंगे। वास्तविक समस्या-समाधान वातावरण और लाइव कंप्यूट अवसंरचना के साथ छात्रों को जोड़कर SASTech का उद्देश्य राष्ट्रीय क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़े क्षेत्रों में ब्रेकथ्रू नवाचार को तेज करना है। अंतर्विषयी इकोसिस्टम, मजबूत वैश्विक साझेदारियों और उद्योग-संलग्न पाठ्यक्रम के माध्यम से SASTech भारत में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है—कोडिंग दक्षता से आगे बढ़कर सिस्टम इनोवेशन, डीप-टेक शोध और संप्रभु क्षमता निर्माण की ओर। यह लॉन्च भारत को अग्रणी तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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