शैलजा के कुशल नेतृत्व से कांग्रेस 31 सीटों पर रही थी विजयी : शर्मा

Edited By Isha, Updated: 13 Apr, 2022 08:38 AM

congress was running 31 seats from the skilled leadership of shailja sharma

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता बालमुकंद शर्मा ने कहा कि हुए कुमारी शैलजा संगठन की मजबूती के मुद्दे को लेकर ना केवल सोनिया गांधी बल्कि राहुल गांधी से भी मिली हैं और इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई है। पिछले 8 साल से

चंडीगढ़(चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता बालमुकंद शर्मा ने कहा कि हुए कुमारी शैलजा संगठन की मजबूती के मुद्दे को लेकर ना केवल सोनिया गांधी बल्कि राहुल गांधी से भी मिली हैं और इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई है। पिछले 8 साल से संगठन का विस्तार नहीं किया जा रहा और बिना संगठन शैलजा के कुशल नेतृत्व के कारण प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 31 सीटों पर विजय रहने में सफल रही। अगर संगठन होता तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की सत्ता पर काबिज होती। उन्होंने कहा कि पिछले दो ढाई साल से बहन कुमारी शैलजा को संगठन ना बन पाने का बहुत मलाल है। आज हरियाणा सूबे के हालात ऐसे हैं कि  संगठन होना बेहद आवश्यक है। शर्मा ने कहा कि बिना सेना के सेनापति जीत हासिल नहीं कर सकता। यही चिंता और भावना से कुमारी शैलजा ने सोनिया गांधी को अवगत करवाया है और बिना संगठन के आज प्रदेश में कैसे हालात हैं, इस पर विस्तृत चर्चा हुई है। जिसे लेकर संगठन ना बनाने पर कुमारी शैलजा द्वारा फ्रंट फुट की लड़ाई लड़ना काबिले तारीफ कदम है। आर-पार की लड़ाई लड़ते हुए बड़ा निर्णय लिया है और ऐसा ना होने पर अपने इस्तीफे तक की पेशकश की है। जिस फैसले को मैं सेल्यूट करता हूं।

शर्मा ने कहा कि कुमारी शैलजा कांग्रेस की प्रदेश में सबसे वरिष्ठ नेता है जो प्रदेश में 4 बार लोकसभा चुनाव जीती। तीन बार केंद्रीय मंत्री रही और राज्यसभा सांसद भी बनाई गई। वह पूरे प्रदेश में बहुत मजबूत पकड़ रखती हैं। उन्होंने पंजाब-राजस्थान बॉर्डर क्षेत्र सिरसा के साथ-साथ अंबाला लोकसभा का भी चुनाव जीता है। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण आज प्रदेश में कांग्रेस बेहद मजबूत स्थिति में है। उसी अनुभव का लाभ कांग्रेस पार्टी को उठाना चाहिए। लेकिन जैसे ही संगठन विस्तार के कार्य किए जाते हैं तो इस कार्य में परेशानी पैदा करना- रोड़ा अटकाने का काम कुछ बड़े नेता करते हैं। हाईकमान के सामने तरह-तरह की बातें प्रस्तुत की जाती हैं ताकि संगठन ना बन पाए। इसी प्रयास में वह तरह-तरह के प्रोपगंडे अटकाए जाते हैं, कभी दिल्ली में विधायक भेजे जाते हैं, तो कभी चोर दरवाजे से कुछ काम किए जाते हैं। वह लोग संगठन ना बनने पर अपनी जीत मानते हैं। यह सारी डिटेल सोनिया गांधी के सामने रखी गई है। कुमारी शैलजा का सोनिया गांधी से ना केवल राजनीतिक बल्कि पारिवारिक संबंध भी है। इस सारे मैटर पर बड़े विस्तार से चर्चा हुई है।

शर्मा ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के हालात को देखकर प्रदेश के लाखों कार्यकर्ता बेहद दुखी और मायूस है। कुछ समय पहले प्रदेश कांग्रेस प्रभारी विवेक कुमार बंसल और प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा ने प्रक्रिया पूरी कर हाईकमान को संगठन की पूरी डिटेल भी भेज दी थी। लेकिन ऐसे प्रोपगंडे रचे गए कि फिर से सारे काम पर रोक लग गई। शर्मा ने कहा कि पार्टी मां होती है और मां के साथ ऐसा करना ठीक नहीं है। लाखों कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत करना बेहद गलत बात है। संगठन से बड़ा कुछ नहीं है। राजनीतिक मर्यादाओं की पालना के साथ सभी को आगे बढ़ना चाहिए। इस कार्य से प्रदेश के वह कार्यकर्ता जिनके मन दिलो दिमाग में कांग्रेस बसती है वह बेहद क्षुब्ध हैं।

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!