Highcourt ने 13 वर्षीय छात्र को 'कुशल श्रमिक' घोषित किया, 4 गुना बढ़ाया मुआवजा

Edited By Manisha rana, Updated: 26 Feb, 2026 10:32 AM

high court declares 13 year old student as  skilled worker

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 के एक सड़क हादसे में मृत 13 वर्षीय छात्र के परिजनों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा 1.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 7.60 लाख रुपए कर दिया।

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 2006 के एक सड़क हादसे में मृत 13 वर्षीय छात्र के परिजनों को बड़ी राहत देते हुए मुआवजा 1.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 7.60 लाख रुपए कर दिया। जस्टिस अल्का सरीन ने अंबाला मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के आदेश में संशोधन करते हुए यह फैसला सुनाया।

यह मामला कक्षा 8 के छात्र दलीप कुमार की मौत पर केंद्रित था, जिसकी 12 अप्रैल, 2006 को एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एम.सी.ए.टी.) अंबाला ने मूल रूप से 1.50 लाख रुपए का एकमुश्त मुआवजा दिया था। अदालत ने कहा कि मृतक छात्र की आय का आकलन "कुशल श्रमिक" की न्यूनतम मजदूरी के आधार पर किया जाना चाहिए था। ट्रायल कोर्ट ने बिना गुणक व अन्य कानूनी सिद्धांत लागू किए एकमुश्त 1.50 लाख रुपए दिए थे, जिसे हाईकोर्ट ने त्रुटिपूर्ण माना। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों करुणा परमार बनाम प्रकाश सिन्हा, बेबी साक्षी ग्रेवाल प्रकरण और हितेश नागीबाई पटेल मामले का हवाला देते हुए कहा गया कि नाबालिग बच्चों को मुआवजा तय करते समय गैर-कमाऊ व्यक्ति की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

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