कांग्रेस शासन में प्रति व्यक्ति आय में दूसरे स्थान पर आया था हरियाणा,अब  पांचवे स्थान पर खिसका: चन्द्र मोहन

Edited By Isha, Updated: 13 Apr, 2022 09:47 AM

congress rule every person came to the second place in haryana

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री  चंद्रमोहन ने  कहा कि ‘‘महंगाई’’ हर व्यक्ति की रोजी-रोटी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।‘‘महंगाई’’ हर परिवार के जीवन व आजीविका पर हमला बोल रही है।‘‘महंगाई’’ हर नागरिक के जीवन

चंडीगढ़(चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री  चंद्रमोहन ने  कहा कि ‘‘महंगाई’’ हर व्यक्ति की रोजी-रोटी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।‘‘महंगाई’’ हर परिवार के जीवन व आजीविका पर हमला बोल रही है।‘‘महंगाई’’ हर नागरिक के जीवन का अभिशाप बन गई है।लेकिन ‘‘महंगाई’’ इस सरकार का एक ‘‘दैनिक कार्यक्रम’’ भी बन गई है, जिसका जश्न भाजपा और मोदी सरकार द्वारा देश के नागरिकों का उपहास करने के लिए मनाया जा रहा है। क्योंकि ‘‘मोदी है तो यही मुमकिन है’’।

चंद्रमोहन का कहना है कि जब वह प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तब हरियाणा तरक्की की राह पर आगे बढ़ा,पूरे देश में प्रति व्यक्ति आय में दूसरे स्थान पर आया जब भाजपा शासन में आई तब से अब तक भाजपा हरियाणा को आगे लाने में कोई ठोस कार्य नहीं कर पाई और अब हरियाणा को 5वे स्थान पर ला खड़ा किया।इसके साथ ही कोई नया निवेश नहीं आया जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके अपितु विनिवेश बढ़ाकर युवाओं को बेरोजगार कर दिया।चन्द्रमोहन ने भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का अप्रैल महीने का देशवासियों को उपहार यही है कि देश पर रु.1,56,433 करोड़ का बोझ लाद दिया गया है।आए दिन बढ रही पेट्रोल-डीजल-गैस व अन्य संसाधनो में मोदी सरकार द्वारा की जा रही बढोत्तरी को लेकर था।चंद्रमोहन ने मोदी-खट्टर व दुष्यंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गैस की कीमत दुनिया में सबसे महंगी, पेट्रोल व डीज़ल की महंगाई दुनिया में तीसरे और आठवें स्थान पर। महंगाई और गर्मी, दोनों आसमान छू रहे हैं और लोग पिस रहे हैं। महंगाई डायन ने जनता का पैसा लूट लिया है।

चंद्र मोहन ने कहा कि  पेट्रोल-डीजल के मूल्य में रोज वृद्धि का "दैनिक गुड मॉर्निंग गिफ्ट": मार्च महीने में औसत मूल्य 112.87 डॉलर प्रति बैरल था, जो कल 8 अप्रैल को घटकर 97.59 डॉलर प्रति बैरल रह गया फिर भी पेट्रोल-डीजल सस्ता करने की बजाय पिछले 18 दिनों में 14 बार पेट्रोल और डीजल के मूल्य बढ़ाए गए। कच्चा तेल लगातार सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल और डीज़ल का मूल्य भारत में पिछले 18 दिनों में 10 रु. प्रति लीटर बढ़ गया है।भारत सरकार के पेट्रोलियम प्लानिंग एवं एनालिसिस सेल के मुताबिक साल 2020-21 में 27,969 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल का उपभोग हुआ था। पेट्रोल के मूल्य में 10 रु. प्रति लीटर की वृद्धि से देश के नागरिकों पर रु.27,969 करोड़ का अतिरिक्त सालाना बोझ पड़ेगा।भारत सरकार के पेट्रोलियम प्लानिंग एवं एनालिसिस सेल के मुताबिक, साल 2020-21 में 72,713 हजार मीट्रिक टन डीज़ल का उपभोग हुआ था। डीजल के मूल्य में 10 रु. प्रति लीटर की वृद्धि से देश के नागरिकों पर रु.72,713 करोड़ का अतिरिक्त सालाना बोझ पड़ेगा।

चंद्र मोहन ने कहा कि  मोदी सरकार ने रसोई गैस-पेट्रोल-डीजल महंगाई में भारत को सबसे महंगा बना दिया है! क्रय शक्ति के पैमाने पर भारत में रसोई गैस दुनिया में सबसे महंगा है, पेट्रोल की कीमत तीसरी सबसे ज्यादा महंगी है और डीजल में महंगाई के मामले में हम पूरी दुनिया में आठवें स्थान पर हैं।मोदी सरकार ने अकेले पेट्रोल और डीजल पर एक्साईज ड्यूटी बढ़ाकर आठ सालों में रु.26,00,000 करोड़ (26 लाख करोड़ रु.) का मुनाफा कमा लिया।एलपीजी गैस सिलेंडर के मूल्य बढ़ाकर मारा गरीब की पीठ पर चाबुक: 1 अप्रैल को कमर्शियल गैस सिलेंडर के मूल्य में रु.250 प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी कर दी गई। पिछले 2 महीनों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर का मूल्य रु.346 बढ़ाया गया।सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेंडर का मूल्य 22 मार्च को 50 रु. बढ़ाया गया। मार्च, 2021 से घरेलू गैस सिलेंडर के मूल्य में रु.140.50 की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। भारत सरकार के पेट्रोलियम प्लानिंग एवं एनालिसिस सेल' के मुताबिक, साल 2020-21 में 27,384 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का उपयोग किया गया। प्रति सिलेंडर रु.140.50 की मूल्यवृद्धि से देश के नागरिकों पर रु.27,095 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

चंद्र मोहन ने कहा कि  टोल टैक्स ने बढ़ाया लोगों की जेब पर भारः 1 अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स 10 से 18 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। भारत सरकार द्वारा साल 2020-21 में रु.28,458 करोड़ का वार्षिक टोल टैक्स एकत्रित किया गया था। साल 2021-22 में टोल टैक्स के बढ़कर रु.34,000 करोड़ (श्री नितिन गडकरी के अनुसार ) तक पहुंचने का अनुमान था। 18 प्रतिशत वृद्धि से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लोगों पर रु.6,120 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।चंद्र मोहन ने कहा कि     दवाईयों पर टैक्स मरीजों पर टैक्सः मोदी सरकार ने तो बीमारों को भी नहीं बख्शा। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राईसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने 1 अप्रैल से लगभग 800 जरूरी दवाईयों के मूल्यों में 10.76 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। आम दवाईयां, जैसे पैरासिटामोल, बुखार की दवाईयां, एजिथ्रोमाईसिन, सिप्रोफ्लोक्सेसिन, मेट्रोनिडोजोल एवं कोविड-19 केयर, दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर एनीमिया त्वचा रोग की दवाईयां, मिनरल्स और विटामिन सब के सब महंगे कर दिए गए हैं। उद्योग के अनुमानों के अनुसार इससे आम लोगों की जेब पर रु.10,000 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

 

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