रूस में मारे गए युवक रवि के भाई DNA के लिए आए आगे, मां की बहुत पहले हो चुकी मौत

Edited By Saurabh Pal, Updated: 30 Jul, 2024 06:44 PM

brother of ravi the youth killed in russia came forward for dna testing

रूसी दूतावास ने हरियाणा के कैथल जिले के गांव मटौर के रवि के शव को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए पहचान के तौर पर उसकी मां की DNA रिपोर्ट मांगी है। लेकिन रवि की मां की बहुत पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के बेहद बीमार होने की स्थिति में बड़े भाई अजय...

कैथल (जयपाल रसूलपुर): रूसी दूतावास ने हरियाणा के कैथल जिले के गांव मटौर के रवि के शव को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए पहचान के तौर पर उसकी मां की DNA रिपोर्ट मांगी है। लेकिन रवि की मां की बहुत पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के बेहद बीमार होने की स्थिति में बड़े भाई अजय मौण DNA के लिए आगे आए हैं। 

रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए रवि के बड़े भाई ने बताया कि एक एकड़ जमीन बेचकर 11 लाख रुपए में उनका छोटा भाई रवि 13 जनवरी 2024 को गांव के छह अन्य युवकों के साथ रोजगार की तलाश में विदेश गया था। वहां एजेंट ने उसे हेल्पर की नौकरी का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके भाई को रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंक दिया गया। मेरे भाई के साथ आखिरी संपर्क 12 मार्च को हुआ था। उस दौरान भाई ने बताया था कि वे 6 मार्च से लड़ाई में लगा हुआ है। अब उसे फिर से युद्ध क्षेत्र में जाना होगा। तब से मेरा भाई लापता था। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय विदेश मंत्री से संपर्क किया। अंत में रवि के पासपोर्ट नंबर का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए दूतावास से मृत्यु की सूचना दी गई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान लापता हुए 22 वर्षीय रवि मौण के परिवार को लगभग पांच महीने बाद उसकी मौत की खबर मिली है।

रवि के भाई ने मॉस्को में भारतीय दूतावास को लिखा ई-मेल

बता दें कि रूसी दूतावास ने रवि के शव को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए पहचान के तौर पर उसकी मां की DNA रिपोर्ट मांगी है। लेकिन रवि की मां की बहुत पहले ही मौत हो चुकी है। पिता के बेहद बीमार होने की स्थिति में बड़े भाई अजय मौण DNA के लिए आगे आए हैं। इस संबंध में अजय ने मॉस्को में भारतीय दूतावास को ई-मेल लिखा है, जिसका जवाब मिलने के बाद और DNA रिपोर्ट भेजने के बाद ही शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

कैथल पुलिस ने मामले में एक एजेंट को किया गिरफ्तार

रवि के परिवार का आरोप है कि उनके भाई के रूसी सेना में शामिल होने के बारे में उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी। परिवार का कहना है कि रवि को धोखे से रूस की सेना में शामिल कराया गया है। इस पूरे मामले के बाद एजेंट्स को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि किस तरह से वो भोले-भाले युवाओं को रोजगार के नाम पर युद्ध की आग में झोंक रहे हैं। वहीं कैथल पुलिस ने इस मामले में एक एजेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सत्यवान के तौर पर हुई है, जो मृतक रवि मौण के ही गांव का रहने वाला है।

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