यमुना को बचाने के लिए बड़ा फैसला, अब छोटे उद्योगों को भी लगाने होंगे कैमरे...जानिए नए नियम!

Edited By Isha, Updated: 29 May, 2026 02:14 PM

big decision to save yamuna now even small industries will have to install came

यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने यमुनानगर के उद्योगों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। यमुना एक्शन प्लान के तहत अब छोटे उद्योगों को भी

चंडीगढ़: यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने यमुनानगर के उद्योगों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। यमुना एक्शन प्लान के तहत अब छोटे उद्योगों को भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एचएसपीसीबी के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह और सदस्य सचिव योगेश कुमार के निर्देश पर जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई है। इसके लिए वरिष्ठ
अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यमुनानगर में वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता सह नोडल अधिकारी नवीन गुलिया की अध्यक्षता में उद्योग संगठनों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेटल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बल्लारपुर पेपर मिल, सरस्वती शुगर मिल और ब्लू क्राफ्ट स्टार्च मिल सहित कई उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकारियों ने उद्योगों

को कई अहम निर्देश दिए। इनमें 10 केएलडी (किलोलीटर प्रति दिन) से कम अपशिष्ट जल छोड़ने वाले उद्योगों को भी अब ऑनलाइन फ्लो मीटर और पीटीजेड कैमरे लगाने होंगे। साथ ही किसी भी उद्योग को बिना उपचारित या आधा उपचारित गंदा पानी यमुना से जुड़े नालों में छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

सभी उद्योगों को अपने एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता और नियमित रूप से चलाने होंगे। इसके अलावा खतरनाक कचरे के वैज्ञानिक भंडारण और सुरक्षित निपटान को भी अनिवार्य किया गया है। उद्योग प्रतिनिधियों ने नदी संरक्षण में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। 

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