भिवानी के शहीद जवान का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, आखिरी सफर में पूरा गांव हुआ शामिल

Edited By Manisha rana, Updated: 31 May, 2023 04:46 PM

bhiwani s martyr jawan was cremated with state honors

भिवानी जिले के गांव लालावास निवासी बीएसएफ के जवान सिपाही शहीद नरेंद्र कुमार का बुधवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

भिवानी (अशोक भारद्वाज) : भिवानी जिले के गांव लालावास निवासी बीएसएफ के जवान सिपाही शहीद नरेंद्र कुमार का बुधवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के बड़े भाई अनिल कुमार ने उनको मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने हवा में गोली दाग कर व मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम सलामी दी। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद नरेन्द्र कुमार अमर रहे, जब तक सूरज-चांद रहेगा, नरेन्द्र तेरा नाम रहेगा आदि गगनभेदी नारे लगाए। 

इस दौरान बीएसएफ के राजीव सुनील कमांडेंट बीएसएफ नोवीं बटालियन हिसार व राजपाल सिंह राठी कर्नल बीएसएफ नोवीं बटालियन हिसार, जिला प्रशासन की तरफ नगराधीश हरबीर सिंह, तोशाम के एसडीएम मनीष कुमार फौगाट व लोहारू डीएसपी अशोक कुमार सहित अनेक अधिकारियों एवं नेताओं तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रृद्घाजंलि दी।

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अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग हुए एकत्रित


बता दें कि भिवानी जिले के गांव लालावास निवासी 27 वर्षीय नरेंद्र कुमार गत दिवस मणिपुर में भारत मां की रक्षा करते हुए उग्रवादियों से लौहा लेते हुए शहीद हो गए। बुधवार को सेना के वाहन में शहीद नरेन्द्र कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव में पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही समूचे गांव के लोग अपने लाडले के अंतिम दर्शन व नमन करने के लिए हजारों की संख्या में एकत्रित हुए। गांव के शमशान घाट में शहीद नरेन्द्र कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंची बीएसएफ सैन्य अधिकारियों की टुकड़ी के अलावा जिले के आला अधिकारियों, पुलिस के अधिकारियों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों ने श्रद्धासुमन अर्पित कर शहीद को अंतिम विदाई दी। 


BSF में 2013 में हुए थे भर्ती 


शहीद सिपाही नरेंद्र कुमार के पिता किरोड़ीमल राजमिस्त्री के काम करते हैं तथा मां शकुंतला गृहणी है। नरेंद्र कुमार ने 2013 में बीएसएफ बटालियन नंबर 122 शिमला में भर्ती हुए थे। वर्ष 2015 में हिसार की नीतू के साथ नरेन्द्र की शादी हुई थी, जिससे उनका एक सात वर्षीय पुत्र हितार्थ है। शहीद नरेन्द्र कुमार वर्ष 2019 से मणिपुर में तैनात थे। शहीद नरेंद्र कुमार को बीएसएफ के आला अधिकारियों ने दिल्ली मुख्यालय से सुबह सलामी देकर उसके पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव लालावास के लिए रवाना किया था।

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नरेंद्र कुमार ने अपनी शहादत देकर क्षेत्र का बढ़ाया गौरव


वहीं इस मौके पर शहीद के चचेरे भाई प्रदीप व समाजसेवी शशीरंजन ने बताया कि शहीदों की बदौलत आज पूरा देश चैन की नींद सोता है। उन्होंने कहा कि शहीद नरेंद्र कुमार ने अपनी शहादत देकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में जिस तरह से नरेंद्र ने अपनी वीरता का परिचय देते हुए भारत मां की रक्षा करते हुए उग्रवादियों से लौहा लिया, उससे भारतीय सैनिक की वीरता एवं देश के प्रति प्रेम की भावना झलकती है।

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