हरियाणा में जमीनों की अदला-बदली का 'खेल' खत्म: 1 एकड़ से छोटे प्लॉट के ट्रांसफर पर भी लगी रोक... सरकार ने बदला नियम

Edited By Isha, Updated: 12 Jul, 2026 11:03 AM

ban imposed on the transfer of plots smaller than 1 acre

शहरों के साथ लगते क्षेत्रों में अब प्लाट की अदला-बदली के नाम पर 'खेल' बंद होगा। जमीन अंतरण के सभी मामलों में नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक से स्वीकृति लेनी होगी। इससे अवैध कालोनियों के निर्माण को रोका जा सकेगा।

चंडीगढ़ :शहरों के साथ लगते क्षेत्रों में अब प्लाट की अदला-बदली के नाम पर 'खेल' बंद होगा। जमीन अंतरण के सभी मामलों में नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक से स्वीकृति लेनी होगी। इससे अवैध कालोनियों के निर्माण को रोका जा सकेगा।

विधि एवं विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम अधिसूचित कर दिया है। शहरों के साथ लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का 'खेल' खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। अब एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। संशोधित नियम 30 जनवरी से लागू माना जाएगा। दरअसल शहरी क्षेत्रों में जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें छोटे प्लाट की अदला-बदली करके अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान

एक एकड़ से छोटे प्लाट के अंतरण के लिए भी नियोजन निदेशक से लेनी होगी स्वीकृति प्लाट लिए जा रहे थे। यद्यपि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से तो एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं। इसी फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या-8 की धारा-7क में संशोधन कर अदला-बदली विनियमन विलेख को भी उक्त प्रविधान के अंतर्गत लाया गया ताकि अवैध कालोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को रोका जा सके। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा 7 में प्रविधान जोड़ा गया है कि एक एकड़ से कम भूमि का विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण करने से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा।

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