Edited By Isha, Updated: 04 Jul, 2026 08:34 AM

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कुंजपुरा गोदाम में सामने आए करोड़ों रुपये के गेहूं घोटाले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पहले गोदाम से करीब दो करोड़ रुपये के हजारों कट्टे गेहूं गायब होने का मामला सामने आया था।
करनाल: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कुंजपुरा गोदाम में सामने आए करोड़ों रुपये के गेहूं घोटाले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पहले गोदाम से करीब दो करोड़ रुपये के हजारों कट्टे गेहूं गायब होने का मामला सामने आया था। अब गोदाम में रखे करीब 1500 कट्टों में 43.50 लाख रुपये का गेहूं खराब मिला है। विजिलेंस जांच के बाद शुक्रवार को एक बार फिर गोदाम में रखे गेहूं की विभागीय टीम ने जांच की। जांच टीम ने खराब गेहूं के सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं।
मामले में भारतीय खाद्य निगम और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का रिकॉर्ड अब तक मेल नहीं खा रहा है। विभाग ने करीब एक माह पहले एफसीआई से पुराने स्टॉक के रखरखाव और उठान का रिकॉर्ड मांगा था लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया। अब सोमवार को एफसीआई से पूरा रिकॉर्ड लेकर उसका विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। अधिकारियों का
सोमवार को रिकॉर्ड मिलान से खुल सकते हैं कई राज
जांच करने पहुंचे अनुभाग अधिकारी विकास खोखर ने कहा कि उन्होंने एक माह पहले एफसीआई से रिकॉर्ड मांगा था जो अब तक नहीं मिला है। मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एफसीआई और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के रिकॉर्ड का मिलान है। अब सोमवार को दोनों पक्षों के रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार का कहना है कि जांच के बाद ही असल नुकसान, उसके जिम्मेदार और भरपाई कैसे की जाए इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दोबारा जांच में शिकायतकर्ता भी रहा मौजूद : पहले हो चुकी विजिलेंस जांच के बाद शिकायतकर्ता विकास शर्मा की शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एक बार फिर गोदाम में रखे गेहूं के स्टॉक की जांच कराई। इस बार शिकायतकर्ता को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया। जांच के दौरान गोदाम में मौजूद 9315 कट्टों का निरीक्षण किया गया। इनमें गेहूं के लगे चार स्टैक में सबसे नीचे वाली परत में रखे करीब 1500 कट्टों का गेहूं पूरी तरह खराब मिला।