Edited By Manisha rana, Updated: 05 Nov, 2025 12:16 PM

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के कार्यक्रम में गए एडीजीपी आलोक मित्तल (आईपीएस) बच्चों के बार-बार किए अनुरोध को नहीं टाल सके।
चंडीगढ़ (धरणी) : थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के कार्यक्रम में गए एडीजीपी आलोक मित्तल (आईपीएस) बच्चों के बार-बार किए अनुरोध को नहीं टाल सके। उन्होंने हरियाणवी गानों पर बच्चों का खूब साथ दिया।आलोक मित्तल का बच्चों के प्रति स्नेह देखते ही बना। मित्तल की गिनती प्रदेश के बड़े ही सूझवान व कर्मठ अफसर के तौर पर होती है। लेकिन, बच्चों के बीच उनका यह रूप देखकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है।
आलोक मित्तल इलाहाबाद में 1969 में पैदा हुए। आलोक मित्तल ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग, उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री, नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से सायबर लॉ में पीजी डिप्लोमा भी किया है। वे 1993 में यूपीएससी की परीक्षा उतीर्ण करके आईपीएस बने थे। 4 साल से अधिक समय तक सीआईडी प्रमुख रहे आलोक मित्तल वर्तमान में एंटी कर्पशन ब्यूरो के चीफ हैं।पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शासन काल में 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक मित्तल जुलाई 2020 में सीआईडी के एडीजीपी बने थे. आलोक पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर की सरकार में सीआईडी प्रमुख बनाए गए थे. तब से वह सीआईडी प्रमुख के पद पर रहे. तब यह एनआईए में अपनी प्रतिनियुक्ति पूरी कर लौटे हरियाणा कैडर में लौटे थे।