Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Nov, 2025 11:22 PM

एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक रिश्वतखोर इलेक्शन तहसीलदार को काबू किया है। परिवहन बिलों के भुगतान के लिए एनओसी जारी करने की ऐवज में जब वह दो लाख रुपए ले रहा था तो ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया।
गुड़गांव, (ब्यूरो): एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक रिश्वतखोर इलेक्शन तहसीलदार को काबू किया है। परिवहन बिलों के भुगतान के लिए एनओसी जारी करने की ऐवज में जब वह दो लाख रुपए ले रहा था तो ब्यूरो की टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया। इस मामले में चुनाव कार्यालय का सहायक अभी फरार है और जल्द ही एसीबी टीम गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
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शिकायतकर्ता ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसका ट्रांसपोर्ट का काम है। साल 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी गाड़ियां उपायुक्त गुड़गांव द्वारा ली गई थी। इनका सरकारी बिलों का भुगतान पुलिस आयुक्त कार्यालय के माध्यम से चुनाव कार्यालय, गुड़गांव से होना था।
बिल भुगतान के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने हेतु शिकायतकर्ता चुनाव तहसीलदार रोहित सुहाग और सहायक सौरभ लघु सचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय गुड़गांव से मिले। तहसीलदार ने एनओसी जारी करने के लिए उनसे साढ़े तीन लाख रुपये नकद रिश्वत की मांग की। बार-बार अनुरोध करने पर आरोपी दो लाख रुपये की रिश्वत लेने पर सहमति बनी। शिकायत पर एसीबी की टीम ने गुरुवार को जाल बिछाकर चुनाव तहसीलदार रोहित सुहाग को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गुड़गांव ब्यूरो में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात पीसी एक्ट के गुरुवार को मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी सहायक सौरभ अभी फरार है। पुलिस टीम द्वारा उसे पकड़ने के लिए गहनता से तलाश जारी है।