Edited By Krishan Rana, Updated: 28 May, 2026 02:14 PM

हरियाणा के हांसी जिले के गांव सिसाय के रहने वाले युवा और साहसी बाइक राइडर शौर्य कालीरमण ने एक
हरियाणा डेस्क : हरियाणा के हांसी जिले के गांव सिसाय के रहने वाले युवा और साहसी बाइक राइडर शौर्य कालीरमण ने एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है। युवा बाइक राइडर शौर्य कालीरमण ने साहस, जुनून और हिम्मत की मिसाल पेश करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। शौर्य ने दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरेबल पास उमिंगला पास (लेह-लद्दाख) तक बाइक से पहुंचकर नया इतिहास रच दिया है। महज 18 वर्ष 3 महीने की उम्र में यह कारनामा करने वाले वह दुनिया के सबसे युवा राइडर बन गए हैं।
बता दें कि शौर्य कालीरमण ने अपनी रोमांचक और चुनौतीपूर्ण यात्रा की शुरुआत दिल्ली से की थी। यह सफर श्रीनगर, कारगिल और हानले जैसे दुर्गम पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरता हुआ आखिरकार समुद्र तल से करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित उमिंगला पास तक पहुंचा। कठिन मौसम, ऑक्सीजन की कमी और बेहद खतरनाक रास्तों के बावजूद शौर्य ने हिम्मत नहीं हारी और 25 मई 2026 को अपनी मंजिल हासिल कर ली।
उमिंगला पास दुनिया के सबसे कठिन और ऊंचे मोटरेबल रास्तों में गिना जाता है। यहां तक पहुंचना अनुभवी राइडर्स के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इतनी कम उम्र में शौर्य द्वारा इस मिशन को पूरा करना पूरे हरियाणा और देश के लिए गर्व की बात बन गया है।
शौर्य की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव सिसाय, पूरे हांसी जिले और हरियाणा प्रदेश में जश्न और गर्व का माहौल बन गया है। इस खास मौके पर गांव के बुजुर्गों, युवाओं, उनके सहपाठियों और अन्य गणमान्य नागरिकों ने शौर्य को इस शानदार जीत की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना आशीर्वाद दिया।
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