Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 25 Jan, 2026 07:21 PM

पांच दिनों की इन बंद कमरे वाली राउंडटेबल्स में वैश्विक पूंजी, व्यापार, प्रतिबंध, सप्लाई चेन और प्रतिस्पर्धी संघवाद जैसे विषयों पर भी बात हुई।
गुड़गांव ब्यूरो : SARC ग्लोबल द्वारा आयोजित 'SARC दावोस डायलॉग्स 2026' का समापन यहां विश्व आर्थिक मंच के साथ समानांतर में हुआ। इन चर्चाओं में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य-स्तरीय बेहतर शासन, डेटा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा पर गहन विमर्श किया गया। SARC ने अमेरिकी कंपनी द मॉडर्न डेटा कंपनी (TMDC) के **DataOS®** प्लेटफॉर्म को पेश किया, जो सरकारी विभागों के विखंडित डेटा को एकीकृत कर वास्तविक समय में निर्णय लेने, योजनाओं की निगरानी और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने में सक्षम है। कलरटोकेंस के साथ साझेदारी में जीरो-ट्रस्ट आधारित साइबर सुरक्षा ढांचा भी प्रस्तुत किया गया, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर खतरों से सुरक्षित रखेगा।
उत्तर प्रदेश और तेलंगाना को विकसित भारत के प्रमुख उदाहरण बताते हुए चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश में अवसंरचना, उद्योग और शहरी-ग्रामीण विकास पर फोकस रहा, जबकि तेलंगाना में कौशल, रोजगार, कृषि नवाचार और मानव पूंजी को प्राथमिकता दी गई। SARC के चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता ने कहा, "शासन अब परिणाम-केंद्रित और प्रौद्योगिकी-सशक्त विज्ञान बन चुका है।"
पांच दिनों की इन बंद कमरे वाली राउंडटेबल्स में वैश्विक पूंजी, व्यापार, प्रतिबंध, सप्लाई चेन और प्रतिस्पर्धी संघवाद जैसे विषयों पर भी बात हुई। SARC ने जोर दिया कि विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय अनुशासित क्रियान्वयन, डेटा-सक्षम शासन और संस्थागत मजबूती से ही हासिल होगा। यह संवाद भारत के राज्य-नेतृत्व वाले विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।