अधिकारियों के दावे धराशायी, लाखों की मशीन बीमार, मरीज लाचार

Edited By Isha, Updated: 17 Feb, 2020 01:25 PM

officials  claims dashed millions of machines sick patients helpless

प्रदेश के एक मात्र स्वास्थ्य संस्थान पी.जी.आई.एम.एस. का आपातकाल विभाग स्वयं बीमार है। चौधरी  रणबीर सिंह ओ.पी.डी. समेत आपातकाल विभाग कमरा नंबर-16 में आपात स्थिति.....

रोहतक (मैनपाल) : प्रदेश के एक मात्र स्वास्थ्य संस्थान पी.जी.आई.एम.एस. का आपातकाल विभाग स्वयं बीमार है। चौधरी रणबीर सिंह ओ.पी.डी. समेत आपातकाल विभाग कमरा नंबर-16 में आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को प्राथमिक जांच की सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं जिससे मरीज को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हैरानी तो इस बात की है कि बीते वर्ष एन.ए.बी.एच. से प्रमाणित होने पर अधिकारियों ने दावा किया था कि गुणवत्ता स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता का स्तर इतना बढ़ गया है कि पूरे देश में कही भी चैक करवा कर इलाज करवा सकते हैं लेकिन, यहां तो पिछले 6 माह से टैस्ट ही नहीं हो रहे।  पी.जी.आई.एम.एस. में आने वाले मरीजों की प्राथमिक जांचें नहीं हो रही है। 

हालांकि, पी.जी.आई.एम.एस. के अधिकारियों के दावे हर बार धराशायी होते है, यह कोई नई बात नहीं। लेकिन, खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। ओ.पी.डी. व आपातकाल में ऑटो एनालाइजर मशीन भी 6 माह से खराब है। मरीजों को हो रही परेशानी पर बायोकैमिस्ट्री विभाग अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से अधिकारियों को लिखित में सूचित कर चुके हैं लेकिन, समस्या का हल करने की बजाय मामला ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। उन्होंने बताया कि मशीन लगभग 15 लाख रुपए ठीक हो पाएगी। 

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