नैशनल हाईवे अथॉरिटी ने अवैध कब्जों पर चलाई जे.सी.बी.

Edited By Isha, Updated: 20 Jul, 2019 11:07 AM

national highway authority runs jcb on illegal occupation

जी.टी. रोड स्थित फोर लॄनग पर नैशनल हाईवे अथॉरिटी के द्वारा जे.सी.बी. चलाई गई। जिसमें दर्जनों दुकानों, मकानों, अन्य जगहों को तोड़कर दुकानदारों से अपना अवैध कब्जा छुड़वाया गया। हालांकि कई

समालखा (वीरेंद्र/राकेश) : जी.टी. रोड स्थित फोर लॄनग पर नैशनल हाईवे अथॉरिटी के द्वारा जे.सी.बी. चलाई गई। जिसमें दर्जनों दुकानों, मकानों, अन्य जगहों को तोड़कर दुकानदारों से अपना अवैध कब्जा छुड़वाया गया। हालांकि कई सरकारी व प्राइवेट बैंक यहां पर प्राइवेट बिल्डिंगों में बने हुए हैं। उनमें से खजाना या सरकारी कागजात होने की वजह से बैंक अधिकारियों की रिक्वैस्ट पर 15 दिन की मोहलत देकर छोड़ दिया गया।

नैशनल हाईवे अथॉरिटी के द्वारा यहां पर प्रांजल को अधिकारी नियुक्त कर रखा है। प्रांजल ने अपने नैशनल हाईवे अथॉरिटी और ठेकेदार के कारिंदों सहित करीब 30 से 35 कर्मचारियों के साथ और यहां के प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार अनिल कौशिक के अलावा कई दर्जन पुलिस कर्मचारियों और कई जे.सी.बी. को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुराना थाना रोड स्थित दुकानों से अवैध कब्जों को हटाना शुरू किया। हालांकि यहां पर कुछ दुकानदारों, मकान मालिकों या अन्य लोगों ने कुछ विरोध किया, लेकिन नैशनल हाईवे अथॉरिटी यहां के प्रशासन के सहयोग से अपना काम करता रहा। उन्होंने करीब आधा दर्जन दुकानों, मकानों या अन्य जगह से जे.सी.बी. चलवाकर अपना अवैध कब्जा हटवाया। हालांकि इस बीच कुछ लोगों के अवैध कब्जों को छोडऩा पड़ा, क्योंकि उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे लगा रखी है।
जे.सी.बी. को उस समय रोकना पड़ा, जब बिजली के तार दुकानों, मकानों के आगे से गए हुए थे और अगर वहां पर जे.सी.बी. चलती तो बिजली की चालू लाइन से यहां खतरा भी हो सकता था। इस बीच कुछ देर कार्य रोकना पड़ा, लेकिन उसके बाद फिर से कार्य शुरू कर दिया।

इस बीच कई बैंक अधिकारी, नायब तहसीलदार अनिल कौशिक और नैशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी प्रांजल से मिले और उन्होंने कहा कि हमारा बैंक में कैश आदि रखा हुआ है। इसके अलावा जरूरी कागजात हैं, इसलिए हमें 15 दिन की मोहलत दी जाए। हम 15 दिन के अंदर बिल्डिंग के मालिक को कहकर जितनी अवैध कब्जे के अंदर आती है, उसको हटवा देंगे। इस बीच नैशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने बिल्डिंग के मालिकों और बैंक मैनेजर से यह लिखवाकर लिया कि वे 15 दिन के अंदर अवैध कब्जे को हटा देंगे। मौके पर ही प्रांजल ने उन्हें कहा कि अगर उन्होंने 15 दिनों के अंदर अपना अवैध कब्जा नहीं हटाया, तो वह बिना नोटिस दिए 15 दिन के बाद यहां से अवैध कब्जों को हटा देंगे। उस समय जिम्मेदारी मकान या दुकान मालिकों या बैंक मैनेजर की होगी। 

बताने योग्य है कि आर.टी.आई. एक्टिविस्ट पी.पी. कपूर की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने इस बारे लोकायुक्त को शिकायत की थी। बता दें कि यह मामला कई महीनों से चला हुआ है, लेकिन नैशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा जिन लोगों को यहां अवैध कब्जा किए हुए दिखाया गया है, उनमें से कुछ लोगों ने अपने आप ही अपने अवैध कब्जों को तोडऩा शुरू कर दिया। 

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