पंचकूला दंगे मामले की आरोपी हनीप्रीत की तबियत खराब, नहीं पहुंची कोर्ट

Edited By Shivam, Updated: 09 Sep, 2019 08:52 PM

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डेरा प्रमुख राम को 25 अगस्त 2017 के दिन साध्वी यौन शोषण मामल में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा की आरोपी हनीप्रीत की तबियत खराब हो गई, जिस कारण वह कोर्ट में प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच पाई। हालांकि मामले में हनीप्रीत के गैरमौजूदगी...

पंचकूला (उमंग): डेरा प्रमुख राम को 25 अगस्त 2017 के दिन साध्वी यौन शोषण मामल में दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा की आरोपी हनीप्रीत की तबियत खराब हो गई, जिस कारण वह कोर्ट में प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच पाई। हालांकि मामले में हनीप्रीत के गैरमौजूदगी में ही एडिशनल सेशन जज संजय संधीर की कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन सुनवाई में चार्ज पर बहस नहीं हुई।

सुनवाई के दौरान हनीप्रीत के वकील ने कोर्ट में याचिका लगाई कि कोर्ट में हनीप्रीत को परमानेंट वीसी से पेश किया, जाए जिसपर कोर्ट अगली सुनवाई में आदेश जारी करेगा। मामले की अगली सुनवाई 27 सिंतबर को होनी है। बता दें कि आज की सुनवाई के दौरान एफआईआर नंबर 345 में लग आरोपों को आज हनीप्रीत पर तय किया जाना था, लेकिन हनीप्रीत के कोर्ट में पेश न होने की वजह से कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जा सकी।



बताने योग्य है कि मामले में पिछली सुनवाई 5 सितंबर को हुई थी, जिसमें हनीप्रीत की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया था। हनीप्रीत के वकील ने मामले से जुड़े कई आरोपियों के जमानत मिलने को आधार बताकर उसकी जमानत की मांग की थी। हनीप्रीत के वकील विनोद घई ने कोर्ट को बताया कि पंचकूला में हुए दंगों में कुल 48 आरोपी हैं, जिनमें से 40 आरोपियों को नियमित जमानत मिल चुकी है, 4 आरोपियों को अग्रिम जमानत हाईकोर्ट से मिल गई है तो ऐसे में हनीप्रीत को भी जमानत दी जाए। 

याचिका में कहा गया कि 25 अगस्त 2017 को जब पंचकूला सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था तो उसके बाद पंचकूला में हुए दंगों की साजिश रचे जाने का आरोप हनीप्रीत पर लगाया गया था, जबकि जिस समय दंगे हुए थे वह उस समय डेरा प्रमुख के साथ थी। हनीप्रीत डेरा प्रमुख के साथ वह पंचकूला से सीधे रोहतक की सुनारिया जेल चली गई थी। उसे इन दंगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बावजूद इसके उसे इन दंगों की साजिश का आरोपी बना दिया गया।



ज्ञात रहे हनीप्रीत को पकडऩे के लिए हरियाणा पुलिस को काफी वक्त इंतजार करना पड़ा था। 38 दिन फरार रहने वाली हनीप्रीत को 3 अक्टूबर 2017 को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तब से हनीप्रीत जेल में बंद है। वकील विनोद घई ने कोर्ट को यह भी बताया है कि जब सुरेंद्र धीमान, पवन इंसां और अन्य जिन आरोपियों पर दंगे करवाने की साजिश रचने के आरोप लगे थे, उनको हाईकोर्ट ने राहत दे दी है तो हनीप्रीत को भी जमानत दी जाए।



जिसपर हरियाणा सरकार के वकील रमेश अंबवता ने बताया था कि को हनीप्रीत पर चार्जेस फ्रेम होने हैं। हनीप्रीत गवाहों को इनफ्लुएंस कर सकती है इसलिए कोई भी राहत ना दी जाए। कुल इस मामले में 49 आरोपी हैं, जिनमें से आदित्य इंसा को भी पीओ घोषित कर दिया है। जिसके बाद हनीप्रीत के वकील ने याचिका खारिज होते देख जमानत याचिका वापिस ले ली।

सरकारी वकील ने बताया था कि कहा कि 89 गवाह है, जिसमें गुरमीत राम रहीम के गनमैन विकास ने कहा था की हनीप्रीत ने डेरा समर्थको को पंचुकला में दंगा करवाने की एवज में सवा करोड़ रुपए दिए थे, जोकि दो व्यक्तियों से रिकवर भी किया गए हैं।

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