हरियाणा के विधानसभा चुनावों में कब कौन जीता कौन हारा, संपूर्ण इतिहास समेटे किताब 'चौपाल से चंडीगढ़' का विमोचन

Edited By Manisha rana, Updated: 21 Jun, 2026 08:28 AM

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हरियाणा की राजनीति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक बेहतरीन किताब का शनिवार को पंचकुला में विमोचन हुआ। 'चौपाल से चंडीगढ़' नाम की इस किताब के 500 से ज्यादा पन्नों में हरियाणा में अब तक हुए हर विधानसभा चुनाव का पूरा रिकॉर्ड प्रकाशित किया गया है।

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा की राजनीति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक बेहतरीन किताब का शनिवार को पंचकुला में विमोचन हुआ। 'चौपाल से चंडीगढ़' नाम की इस किताब के 500 से ज्यादा पन्नों में हरियाणा में अब तक हुए हर विधानसभा चुनाव का पूरा रिकॉर्ड प्रकाशित किया गया है। इस किताब के जरिए संयुक्त पंजाब, पेप्सु स्टेट और हरियाणा के पिछले 75 वर्षों के राजनीतिक सफर की पूरी जानकारी पाठकों को पढ़ने को मिलेगी। इस पुस्तक को पत्रकारिता जगत के वरिष्ठ संपादकों, शिक्षाविदों, वकीलों, शोधार्थियों और राजनेताओं की उपस्थिति में रिलीज किया गया।

पुस्तक के लेखक दीपकमल सहारण ने बताया कि इस किताब में वर्ष 1952 में हुए संयुक्त पंजाब के पहले विधानसभा चुनाव से लेकर साल 2024 तक हरियाणा में हुए सभी विधानसभा चुनावों का पूरा विवरण दिया गया है। हरियाणा के सभी राजनेताओं का चौपाल से चंडीगढ़ तक का सियासी सफर अब तक कैसा रहा और कब किसने किसको कैसे मात दी, कब किसने और कितने समय तक हरियाणा की कमान संभाली, कब कौन राज्यपाल, विधानसभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधायक बना आदि जानकारी इस किताब में है। 

कब-कब क्यों विधानसभा के उपचुनाव हुए, किस सीट पर कौन सा राजनीतिक परिवार सक्रिय रहा है और हरियाणा की राजनीति में उसका क्या प्रभाव रहा है, सबसे ज्यादा चुनाव किसने जीते, ऐसे सभी सवालों के जवाब इस किताब में अच्छे से रिकॉर्ड सहित जानने को मिलेंगे। किताब से जुड़ी दिलचस्प बात ये है कि इसमें सभी 90 विधानसभा सीटों और पहले हुए परिसीमनों में खत्म हो चुकी सभी पुरानी विधानसभा सीटों का अब तक का चुनावी विवरण और प्रमुख राजनीतिक पार्टियों का इतिहास टेबल सहित प्रकाशित किया गया है।

'चौपाल से चंडीगढ़' किताब में संयुक्त पंजाब के तीन, पेप्सु के दो और हरियाणा के सभी विधानसभा चुनावों का परिणाम भी क्रमवार प्रकाशित किया गया है। हर चुनाव के बाद बनी सरकार और उसके मंत्रिमंडल की जानकारी विभागों के साथ दी गई है। पुस्तक में अब तक हरियाणा में बनी सभी महिला विधायकों का विवरण भी शामिल किया गया है। एक से ज्यादा सीटों से चुनाव लड़ चुके नेताओं का रिकॉर्ड भी पुस्तक में अलग से शामिल किया गया है। यह किताब पत्रकारिता, राजनीति, इतिहास से जुड़े लोगों और शोधार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी।

लेखक दीपकमल सहारण इससे पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव-2014 पर 'दिलबदल हरियाणा' के नाम से किताब लिख चुके हैं जो काफी लोकप्रिय रही थी। करीब दो दशक से पत्रकारिता और मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र से जुड़े दीपकमल का कहना है कि हरियाणा के पुराने और नए राजनीतिक दौर को आंकड़ों सहित संजोने के लिए उन्होंने इस किताब को तैयार किया ताकि पाठकों को हरियाणा की राजनीति और चुनावी रिकॉर्ड की सटीक जानकारी मिल सके। उन्होंने पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए बुद्धिजीवियों का आभार जताया।

वरिष्ठ पत्रकार नरेश कौशल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल युग के इस दौर में, जब अधिकांश लोग सूचनाओं के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं, ऐसे समय में हरियाणा विधानसभा चुनावों के 75 वर्षों के इतिहास को 500 से अधिक पृष्ठों में शोधपरक ढंग से संकलित करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण और सराहनीय कार्य है। वरिष्ठ पत्रकार विजय गुप्ता ने लेखक दीपकमल सहारण के अथक परिश्रम और शोधपूर्ण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक राजनीति विज्ञान, इतिहास, पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं, पत्रकारों तथा आम पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। वरिष्ठ पत्रकार बृज मोहन सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘चौपाल से चंडीगढ़’ भविष्य में हरियाणा की राजनीति के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ बनेगी और नई पीढ़ी में लोकतंत्र के प्रति समझ, रुचि और राजनीतिक जागरूकता को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।

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