Edited By Yakeen Kumar, Updated: 20 Nov, 2025 08:26 PM

करनाल की नई अनाज मंडी में धान घोटाले और फर्जी गेटपास प्रकरण में गिरफ्तार किए गए मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली की मौत हो गई।
करनाल : करनाल की नई अनाज मंडी में धान घोटाले और फर्जी गेटपास प्रकरण में गिरफ्तार किए गए मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली की मौत हो गई। बुधवार शाम उन्हें अचानक ब्रेन हेमरेज हुआ, जिसके बाद उन्हें करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया, जहां गुरुवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूत्रों के अनुसार, पंकज तुली धान घोटाले में महत्वपूर्ण आरोपी थे और पुलिस ने उन्हें फर्जी गेटपास काटने के आरोप में गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए थे, जिसके बाद मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई थी।
इसी केस में सस्पेंड की गई मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है। लंबे समय से फरार चल रहीं आशा रानी की अग्रिम जमानत याचिका पहले खारिज हुई थी, लेकिन अब उन्हें अदालत से जमानत मिल गई है। विभाग पहले ही 4 नवंबर को एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित कर चुका है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दे रही थी।
तुली समेत 2 को किया था गिरफ्तार
डीएमईओ ईश्वर सिंह की शिकायत पर मंडी सचिव आशा रानी, कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अजय कुमार और अमित कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। हालांकि, अब तक इन चारों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस बीच, सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इन्होनें जारी किए थे गेट पास
घोटाले की जांच आगे बढ़ने पर ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल को भी मुख्यालय ने निलंबित कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि पंकज तुली, आशा रानी और यशपाल ने मिलकर फर्जी गेटपास जारी किए थे। कार्रवाई के बाद यशपाल को रोहतक के जेडएमईओ कार्यालय में नियमित हाजिरी लगाने और बिना अनुमति कार्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)