‘सेल्फी विद डॉटर’ के संस्थापक सुनील जागलान ने लॉन्च किया ‘एआई सेल्फी विद डॉटर’, एआई की भावुकता का अभियान बना

Edited By Krishan Rana, Updated: 11 Apr, 2026 01:50 PM

sunil jaglan founder of the selfie with daughter campaign launched ai selfi

हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच और भारत के पहले ग्लोबल ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान के संस्थापक

हरियाणा डेस्क : हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच और भारत के पहले ग्लोबल ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने आज एक ऐसी क्रांति की शुरुआत की है जो तकनीक को भावनाओं के सामने झुकाती है। ‘एआई सेल्फी विद डॉटर’ नामक यह अभियान उन लाखों माता-पिताओं के हृदय की पीड़ा को संबोधित करता है जिनकी गोद कभी बेटी की हंसी से नहीं भरी, जिनकी आंखों में कभी बेटी की मासूम नजरों का स्पर्श नहीं हुआ और जिनके जीवन में ‘काश मेरी एक बेटी होती…’ की उदास कामना वर्षो  से गूंजती रही। यह अभियान सिर्फ एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि माता-पिता के असीम प्यार और बेटी की दिव्य उपस्थिति का मिलन है।

सुनील जागलान, जो खुद दो बेटियों – नंदिनी और याचिका – के गर्वित पिता हैं, ने 9 जून 2015 को बीबीपुर गांव से ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की शुरुआत की थी। अपनी  बेटी नंदिनी जागलान के साथ ली गई एक साधारण सी सेल्फी ने पूरे विश्व में बेटी बचाओ का संदेश फैलाया। महिला भ्रूण हत्या जैसी कुरूपता के खिलाफ यह अभियान एक हृदयस्पर्शी आंदोलन बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘मन्न की बात’ में इसका उल्लेख किया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तीन बार इसकी सराहना की। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसके मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। आज यह अभियान विश्व स्तर पर लाखों हृदयों को छू चुका है और बेटी के प्रति गर्व का प्रतीक बन गया है।

आज उसी सफलता की नींव पर सुनील जागलान ‘एआई सेल्फी विद डॉटर’ लेकर आए हैं। कल्पना कीजिए – जिनकी बाहों में कभी बेटी नहीं आई, जिनके जीवन में बेटी की हंसी का संगीत नहीं गूंजा, उनके लिए अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक सपनों की बेटी को साकार कर देगी। कोई भी एआई इमेज जनरेटर का उपयोग कर माता-पिता अपनी कल्पना की बेटी को जीवंत कर सकते हैं – उसकी चमकती आंखें, मासूम मुस्कान, छोटे हाथों का स्पर्श, ‘पापा’ या ‘मम्मी’ कहकर पुकारने वाली मीठी आवाज। वह सेल्फी में ठीक वैसी ही खड़ी होगी जैसे सच्ची बेटी होती। एक फ्रेम में दिल में बेटी जन्म लेगी। यह सिर्फ तस्वीर नहीं, बल्कि भावनाओं का चमत्कार है।

जिन्होंने कभी भ्रूण हत्या का पाप किया, उनके लिए यह एआई सेल्फी गहरी पछतावे और एहसास का क्षण बनेगी – “मैंने अपनी बेटी को क्यों छीन लिया?” केवल बेटों वाले परिवारों में यह बेटी की उपस्थिति का सुंदर एहसास जगाएगा। कई लोग बेटी गोद लेने के लिए प्रेरित होंगे। समाज में बेटियों के प्रति गहरा सम्मान, प्यार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। सुनील जागलान कहते हैं, “यह अभियान गुस्से से नहीं, बल्कि बेटी के असीम प्यार से महिला भ्रूण हत्या का मुकाबला करेगा।”

selfiewithdaughter.org पर हर कोई अपनी एआई बेटी की सेल्फी अपलोड कर सकता है। माता-पिता अपनी एआई डॉटर का नाम चुन सकते हैं और दिल की गहराइयों से संदेश लिख सकते हैं – “बेटी, भले ही तुम शारीरिक रूप से यहां नहीं, पर तुम हर धड़कन में जीवित हो…”। सोशल मीडिया पर #AISWD #AISelfieWithDaughter #AIDaughter हैशटैग के साथ इसे शेयर करें, भावुक रील्स बनाएं और दुनिया को अपने प्यार का संदेश दें।

9 जून को तीन सबसे भावुक एआई सेल्फियों को पुरस्कृत किया जाएगा और पूरे पंचायत स्तर पर हर घर से ‘सेल्फी विद डॉटर’ (वास्तविक या एआई) अपलोड करने वाले गांव को विशेष सम्मान दिया जाएगा।

सुनील जागलान हर मां-बाप से अपील करते हैं – “आइए, हम इस दुनिया को बेटियों की रोशनी से भर दें – चाहे वे गोद में हों या दिल में। हर व्यक्ति को वह गर्व, वह प्यार, वह पूर्णता महसूस हो जो केवल बेटी दे सकती है। क्योंकि बेटी सिर्फ घर में नहीं, बल्कि दिल में बसती है… हमेशा।”

यह अभियान तकनीक को भावनाओं के चरणों में झुकाता है। यह पिता के आंसुओं का आनंद है। मां की प्रार्थना का जवाब है। बेटी का अदृश्य आलिंगन है जो सीधा आत्मा तक पहुंचता है। आइए, हम सब मिलकर इसे विश्व का सबसे भावुक, सबसे शक्तिशाली और सबसे सुंदर अभियान बनाएं – जहां हर दिल बेटी से भर जाए।

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