अमेरिका से डिपोर्ट हुए समालखा के 2 युवक, जमीन बेचकर बेटों को भेजा था US

Edited By Deepak Kumar, Updated: 18 Feb, 2025 01:54 PM

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अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए भारतीयों में समालखा के वार्ड नंबर 7 कालीरमना मोहल्ला के दो युवक सौरभ व राजा उर्फ मौसम भी शामिल है,जो डालर कमाने के लालच मे एजेंट को 40-40 लाख रुपए देकर डोंकी रूट से अमेरिका गए थे।

समालखाः अमेरिका से डिपोर्ट होकर आए भारतीयों में समालखा के वार्ड नंबर 7 कालीरमना मोहल्ला के दो युवक सौरभ व राजा उर्फ मौसम भी शामिल है,जो डालर कमाने के लालच मे एजेंट को 40-40 लाख रुपए देकर डोंकी रूट से अमेरिका गए थे। 18 देशो का सफर करते हुए हाल ही मे 1 फरवरी को तेजवाना बार्डर क्रास करके अभी कुछ किलोमीटर ही चले थे कि अमेरिकन पुलिस के हत्ये चढ़ गए ओर उनके धन कमाने के सपने धरे रह गए। सोमवार को पुलिस सरंक्षण मे दोनों युवकों को समालखा थाना लाया गया, जहां थाना प्रभारी ने दोनों युवकों से पूछताछ की। इस दौरान उनके परिजन भी मौजूद रहे। युवकों ने थाना प्रभारी के सामने आपबीती बताई और करवाई की मांग की। 

युवकों ने बताई आपबीती

वार्ड 7 के कालीरामना मोहल्ला निवासी 22 वर्षीय सौरभ और 23 वर्षीय राजा उर्फ मौसम ने बताया कि एजेंटों की ओर से अमेरिका भेजने के लिए उन्हें प्रभोलन दिया गया, जिसमें बताया कि अच्छी नौकरी मिलेगी और 1 घंटे के साढ़े 9 डालर मिलेंगे।एजेंट से 43-43 लाख रूपए मे अमेरिका भेजने का सौदा हुआ। परिजनों ने जमीन बेचकर व रिस्तेदारों से रुपए एकत्रित कर उन्हें अमेरिका भेजा। एजेंटों द्वारा 23 जुलाई 2024 को डोंकी के रास्ते अमेरिका जाने के लिए सौरभ और राजा उर्फ़ मौसम को दिल्ली फ्लाइट से दुबई भेजा गया। 

एक महीना दुबई रुकने के बाद अफ्रीका से गिनी, मोरक्को, नीदरलैंड, सूरीनाम, गुयाना और ब्राजिल तक प्लेन से सफर किया। उसके बाद टैक्सी के रास्ते बोलबिया, पेरू, इक्वाडोर से कोलंबिया में करीब ढाई महीने रुकने के बाद 3 दिन पैदल पनामा के जंगलों से होते हुए कोस्टारिका से निकार्गो से होनडूरस, गोटेवाला से होते हुए मेक्सिको पहुंचे यहां से 12 घंटे में नाव में सवार किया और 1 फरवरी को अमेरिका बार्डर पर दीवार कूदकर पैदल चलते हुए 3 बड़ी पहाड़ियों के रास्ते तेजवाना बॉर्डर क्रॉस कर किया और अमेरिका कै अंदर करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने पर अमेरिकन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और 15 दिन कैंप में रखा। 

सौरभ ने बताया कि रास्ते में डोंकरो और एजेंटों ने उन्हें भरपेट खाना भी नहीं दिया। भूखा-प्यासा रखने, मारपीट करने और पिस्टल के बल पर यातनाएं देने के अलावा बीच-बीच में पैसों की मांग भी की गई। यहां तक की कैंप में अमेरिकन पुलिस द्वारा भी यातनाएं दी गई। डोंकी के रास्ते से उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए और कुछ दिनों तक परिजनों से बातचीत नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि रात्रि करीब 10:30 बजे जंजीरों में जकड़कर अमेरिकन एयर फोर्स का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर लेकर आया। यहां से हम दोनों को हरियाणा पुलिस की एसटीएफ, गुप्तचर विभाग व अन्य पुलिस अंबाला लेकर आई, जहां से पानीपत पुलिस द्वारा आज समालखा थाना लाया। 

सौरभ के पिता बिजेंद्र व राजा उर्फ़ मौसम के पिता जयपाल कालीरामना ने बताया कि उन्होनें बेचकर व रिश्तेदारी में पैसे लेकर बच्चों को एजेट के द्वारा अमेरिका भेजा था। बिजेंद्र ने बताया कि उसने 37 साल ड्राइवरी का काम करते है। उनकी चार बेटियां व इकलौता बेटा सौरभ है। गत 27 जनवरी से उसकी बेटे सौरभ से बात नही हो रही थी। राजा उर्फ मौसम ने बताया कि वह दो भाईयो मे छोटा है। उसके पिता किसान है। यिता ने जमीन बेचकर उसे पैसे कमाने विदेश भेजा था। उन्होंने पुलिस से उनके सपनो के साथ खिलवाड़ करने वाले एजेंट और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

पीड़ितों की ओर से नहीं मिली लिखित शिकायतः थाना प्रभारी

इस संदर्भ में समालखा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि अभी पीड़ितों की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

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