संविधान विशेषज्ञ राम नारायण यादव से मिले समाजसेवी आसिफ़ नूर क़ुरैशी, संविधान पर हुई विस्तृत चर्चा

Edited By Isha, Updated: 08 Jul, 2026 11:43 AM

social activist asif noor qureshi met with constitutional expert ram narayan

देश के जाने-माने संविधान विशेषज्ञ एवं हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव के निवास पर बुलंदशहर-सिकंदराबाद के प्रसिद्ध समाजसेवी मुहम्मद आसिफ़ नूर क़ुरैशी ने शिष्टाचार भेंट की

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी):  देश के जाने-माने संविधान विशेषज्ञ एवं हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव के निवास पर बुलंदशहर-सिकंदराबाद के प्रसिद्ध समाजसेवी मुहम्मद आसिफ़ नूर क़ुरैशी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जेवर क्षेत्र के तीव्र विकास, सामाजिक सरोकारों और संविधान की मूल भावना पर विस्तार से चर्चा हुई। यादव ने क़ुरैशी को अपनी चर्चित पुस्तक 'संविधान परिचय' भेंट कर संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

 

संविधान विषय के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं राम नारायण यादव

राम नारायण यादव वर्तमान में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वे हरियाणा विधानसभा में एडिशनल सेक्रेटरी तथा पंजाब विधानसभा में सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। विधानसभा की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं और संवैधानिक कानूनों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।

संविधान पर लिख चुके हैं पांच महत्वपूर्ण पुस्तकें

राम नारायण यादव अब तक संविधान और संसदीय व्यवस्था पर पांच महत्वपूर्ण पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी नवीनतम पुस्तक 'एंटी डिफेक्शन लॉ' दलबदल कानून की विस्तृत व्याख्या करती है। इसके अलावा उन्होंने 'अगस्त क्रांति (संविधान परिचय)', 'मैकेनिज्म ऑफ इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन', 'कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया' सहित अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की है।

 

हिंदी में संविधान की समझ विकसित करने का अभियान

यादव ने बताया कि वर्ष 1988 से उनकी निकटता प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप से रही है। डॉ. कश्यप ने उन्हें हिंदी में संविधान पर सरल पुस्तक लिखने के लिए प्रेरित किया, ताकि उत्तर भारत के छात्र संविधान को अपनी भाषा में आसानी से समझ सकें। इसी उद्देश्य से उन्होंने 'अगस्त क्रांति (संविधान परिचय)' पुस्तक लिखी।

'अगस्त क्रांति' नाम रखने के पीछे भी है ऐतिहासिक आधार

यादव ने बताया कि पुस्तक का नाम 'अगस्त क्रांति' रखने के पीछे ऐतिहासिक महत्व है। अगस्त माह में ही भारत को स्वतंत्रता मिली, संविधान निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए और वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसा ऐतिहासिक निर्णय भी अगस्त में लिया गया। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुस्तक का यह नाम रखा गया।

संविधान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

भेंट के दौरान मुहम्मद आसिफ़ नूर क़ुरैशी ने राम नारायण यादव के संवैधानिक अध्ययन और लेखन कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान की सही जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना आवश्यक है। वहीं यादव ने कहा कि नई पीढ़ी को संविधान की मूल भावना से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

 

 

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