Sirsa: फर्टिलाइजर फैक्ट्री में सीएम फ्लाइंग की छापेमारी, फैक्ट्री मालिक पर FIR दर्ज, जल्द हो सकती है बड़ी कार्रवाई

Edited By Deeksha Gupta, Updated: 25 Jun, 2025 01:49 PM

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दो दिन पहले सिरसा जिले के गांव खैरेकां स्थित लिबान फर्टिलाइजर फैक्ट्री में सीएम फ्लाइंग टीम ने छापेमारी की थी। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कृषि विभाग और सीएम फ्लाइंग टीम ने FIR दर्ज करवाई है।

सिरसा (सतनाम सिंह) : दो दिन पहले सिरसा जिले के गांव खैरेकां स्थित लिबान फर्टिलाइजर फैक्ट्री में सीएम फ्लाइंग टीम ने छापेमारी की थी। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कृषि विभाग और सीएम फ्लाइंग टीम ने FIR दर्ज करवाई है। मामले की तफ्तीश पुलिस करेगी और यदि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए गए, तो पुलिस आगामी कार्रवाई भी करेगी।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री मालिक का लाइसेंस रद्द किए जाने की संभावना है। इस संबंध में सिरसा कृषि विभाग ने निदेशालय को पत्र भी भेज दिया है। छापेमारी सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में की गई, जिसमें राजेश कुमार और कृषि विभाग के उप निदेशक सुखदेव सिंह भी मौजूद थे।

एक्सपायरी फर्टिलाइजर बरामदगी

दो दिन पहले हुई छापेमारी में टीम को फैक्ट्री से 4000 क्विंटल एक्सपायरी डेट का फर्टिलाइजर मिला, जिसे कृषि विभाग ने कब्जे में ले लिया है। साथ ही फैक्ट्री से 7 सैंपल भी लिए गए हैं। टीम ने कई अनियमितताएं पाई हैं, जिनमें से सबसे गंभीर एक्सपायरी और बिना लेबल व मार्किंग वाले फर्टिलाइजर उत्पाद हैं। पहले भी इस फैक्ट्री का सैंपल फेल हो चुका है। अब जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

कृषि विभाग की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में कृषि विभाग के उप निदेशक सुखदेव सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में बायो और केमिकल दोनों प्रकार के फर्टिलाइजर बनाए जा रहे थे। कई एक्सपायरी डेट वाली बायो फर्टिलाइजर की शीशियां बरामद हुई हैं, जिन्हें कब्जे में लिया गया है। जांच के लिए कुछ सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में FIR दर्ज कर दी गई है और आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी। साथ ही, लाइसेंस रद्द करने के लिए विभाग ने निदेशालय को पत्र भेजा है।

पहले भी आई थी शिकायत

कृषि विभाग ने बताया कि इससे पहले भी इस फैक्ट्री से लिए गए सैंपल में एक मिस ब्रांडेड पाया गया था। उसकी री-टेस्टिंग चल रही है और रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बिना मार्किंग वाले उत्पाद भी जांच में

छापेमारी के दौरान टीम को कई छोटे पैकेट और शीशियां मिलीं जिन पर कोई ब्रांड या मैन्युफैक्चरिंग डेट नहीं थी। इन्हें जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा "माइक्रो राज" नाम के 25-30 बाल्टी भी मिलीं, जिनकी एक्सपायरी 2021 और 2024 की है। इनकी भी जांच करवाई जाएगी।

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