Edited By Krishan Rana, Updated: 07 May, 2026 08:49 PM

विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में गए हरियाणा के युवाओं की मौत और उनके परिवारों की परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने
चंडीगढ़ : विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में गए हरियाणा के युवाओं की मौत और उनके परिवारों की परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। सरकार अब विदेशों में मृत हुए हरियाणा के लोगों के परिजनों की सहायता के लिए विशेष सहायता कोष (फंड) बनाने जा रही है। इसके लिए हरियाणा विदेश सहयोग विभाग नई नीति तैयार कर रहा है, जिसमें सहायता की प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी।
हाल के महीनों में विदेशों में हरियाणा के युवाओं की मौत के कई मामले सामने आए हैं। विशेष रूप से यूक्रेन-रूस युद्ध के दौरान फंसे युवाओं के मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कई परिवारों को अपने प्रियजनों के शव भारत लाने के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ा, वहीं भारी आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा।
हरियाणा विदेश सहयोग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकार ऐसी नीति तैयार कर रही है, जिसमें सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और शर्तें स्पष्ट होंगी। प्रस्तावित नीति के तहत केवल वैध वीजा पर विदेश गए लोगों को ही कवर किया जाएगा। सरकार न सिर्फ आर्थिक मदद देगी, बल्कि विदेशों में फंसे लोगों और उनके परिजनों को तकनीकी सहायता भी देगी। विदेश मंत्रालय और संबंधित देशों के भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय कर शवों को भारत लाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की योजना बनाई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक रूस से शव वापस लाने में करीब 20 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जो अधिकांश परिवारों के लिए वहन करना बेहद कठिन होता है। सरकार का मानना है कि नई नीति लागू होने के बाद प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी और विदेशों में संकट की स्थिति में उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
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