मंडी में मरम्मत के बाद दशहरा ग्राउंड तक पहुंचने लगे रावण

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 01 Oct, 2025 10:45 PM

rawan reached dussehra ground after reparing

शहर में मंगलवार को हुई बारिश ने जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत प्रदान की थी वहीं, इस बारिश ने रावण की सूरत भी बिगाड़ दी थी। तीन दिन पहले तक तैयार हो चुके रावण की बारिश में दुदर्शा हो गई थी जिसके बाद रावण मंडी में कारीगरों द्वारा मरम्मत कर दी गई है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): शहर में मंगलवार को हुई बारिश ने जहां शहरवासियों को गर्मी से राहत प्रदान की थी वहीं, इस बारिश ने रावण की सूरत भी बिगाड़ दी थी। तीन दिन पहले तक तैयार हो चुके रावण की बारिश में दुदर्शा हो गई थी जिसके बाद रावण मंडी में कारीगरों द्वारा मरम्मत कर दी गई है। मरम्मत के बाद अब यह रावण के पुतले मंडी से दशहरा ग्राउंड तक पहुंचने लगे हैं। 

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 कारीगरों की मानें तो उन्हें इस बार डबल मेहनत करनी पड़ी है जिसके कारण उन्हें काफी नुकसान भी हुआ है। आपको बता दें कि गुड़गांव के गौशाला मैदान में बनी रावण मंडी में हर साल रावण के सैकड़ों पुतले बनाए जाते हैं। यहां से गुड़गांव ही नहीं बल्कि नूंह सहित दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों में भी रावण दहन के लिए पुतले जाते हैं। ऐसे में यहां दर्जनों कारीगरों द्वारा नवरात्रों के दौरान ही रावण के पुतले तैयार कर लेते हैं और नवमी के दिन से ही यह पुतले दहन के स्थानों पर भेजे जाने शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन इस बार दुर्गाष्टमी के दिन ही शहर में जोरदार बारिश हुई। इस बारिश ने किसी को भी संभलने का मौका नहीं दिया और सैकड़ों छोटे-बड़े रावण के पुतले बारिश में भीग गए।

 

वहीं, कारीगरों की मानें तो इस बार 60 फीट का सबसे बड़ा रावण का पुतला बनाया गया है। जोकि बारिश में भीग गया। उन्होंने कहा कि आज धूप निकली है जिससे गर्मी तो बढ़ी है, लेकिन उनके लिए राहत है कि वह एक बड़े नुकसान से बच जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज सुबह रावण के पुतले दहन के निर्धारित स्थानों पर जाने थे, लेकिन सुबह की बजाय अब शाम से यह पुतले भेजे जाएंगे।

 

 कारीगरों की मानें तो एक बड़े पुतले की कीमत 15 से 50 हजार रुपए है। जिन पुतलों के निर्माण के लिए उन्होंने एडवांस पेमेंट ली हुई है उनके लिए वह मेहनत कर रहे हैं ताकि समय रहते कार्य को पूरा किया जा सके और सभी वीरवार को हर्षोल्लास के साथ विजय दशमी का पर्व मनाया जा सके। 

 

 

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