Edited By Deepak Kumar, Updated: 01 Oct, 2025 06:46 PM

यमुनानगर में दशहरा पर्व को लेकर इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरवासियों को इस बार 75 फुट ऊंचा रावण दहन देखने का मौका मिलेगा।
यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर में दशहरा पर्व को लेकर इस बार खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहरवासियों को इस बार 75 फुट ऊंचा रावण दहन देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही रावण मेघनाथ और कुंभकरण के 65 फुट ऊंचे पुतले भी तैयार किए गए हैं। विशाल पुतलों को देखने के लिए लोगों में भारी उत्सुकता है।
करीब 40 दिनों से कारीगर लगातार इन पुतलों को तैयार करने में जुटे हुए हैं। दिन-रात की मेहनत के बाद अब पुतले अंतिम रूप ले चुके हैं। रावण को सजाने-संवारने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। कारीगर अब अंतिम टच देकर इन्हें ग्राउंड पर खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं। पुतलों को सजाने के लिए खास तौर पर सहारनपुर से कागज और कपड़ा मंगवाया गया है। यह सजावट इन पुतलों को और भी आकर्षक बना रही है। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों को तैयार करने में 4 लाख रुपये से अधिक की लागत आई है।
कारीगर महिंदर मनचंदा ने बताया कि उनके परिवार का यह पुश्तैनी कार्य है। व भी पिछले 40 साल से दशानन, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतलों को बना रहे है। पूरे विधि विधान से कुछ लोगों को बनाकर उनकी पूजा की जाती है। ढोल के साथ रावण, मेघनाथ में कुंभकरण के पुतलों को ग्राउंड तक लेकर जाया जाता है। और फिर इनको दहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इन पुतलों में भी करीब 2 लाख रुपए की आतिशबाजी लगाई गई है।
दशहरा का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम ने असत्य, अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का वध किया था। उसी परंपरा को जीवंत करते हुए हर साल रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले दहन कर समाज को संदेश दिया जाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में अच्छाई ही जीतती है। इस बार का दशहरा उत्सव यमुनानगर के लिए बेहद खास रहने वाला है। विशाल पुतलों के दहन के साथ रंगीन आतिशबाजी और रोशनी से पूरा माहौल जगमगा उठेगा। हजारों की संख्या में लोग इस दृश्य के साक्षी बनेंगे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह का माहौल है।