सिरसा में राशन कार्ड घोटाले का पर्दाफाश,, डी.एफ.एस.सी. की जांच संदेहास्पद, विजीलैंस जांच के आदेश

Edited By Isha, Updated: 06 Jul, 2022 08:50 AM

ration card scam exposed in sirsa

सी.एम. विंडो ने सिरसा में राशन कार्ड घोटाले पर आई शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विजीलैंस जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यालय चंडीगढ़ से सी.एम. विंडो पर आई शिकायतों की  निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. भूपेश्वर दयाल के अनुसार खाद्य नागरिक आपूर्ति

चंडीगढ़ : सी.एम. विंडो ने सिरसा में राशन कार्ड घोटाले पर आई शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विजीलैंस जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यालय चंडीगढ़ से सी.एम. विंडो पर आई शिकायतों की  निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. भूपेश्वर दयाल के अनुसार खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, सिरसा के डी.एफ.एस.सी. के विरुद्ध भीम कालोनी के प्रेमजैन ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत कर लगभग 30,000 हजार राशन कार्ड के तथ्य ठीक करने की एवज में उपभोक्ताओं से लिया गया शुल्क सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाया।


मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा संज्ञान लिया गया। डी.एफ.एस.सी. सिरसा ने सूचित किया है कि 19 जनवरी, 2021 को 38,800 रुपए की राशि विभाग के कर्मचारियों द्वारा जमा करवा दी गई। परंतु सी.एम. विंडो को गुमराह किया गया और मामले को फाइल करने को कहा गया। यह भी सूचित किया गया कि जिले के विभिन्न कार्यालयों द्वारा 8,88,935 रुपए की राशि राशन कार्ड की फीस के रूप में जमा करवाई गई थी।  मुख्यमंत्री कार्यालय ने सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क किया तो उन्होंने सूचित किया कि जांच में उनको कभी पार्टी नहीं बनाया गया और न ही अंतिम रिपोर्ट सौंपते समय उनके हस्ताक्षर करवाए गए। सी.एम. विंडो की दिशा-निर्देश अनुसार विभाग द्वारा शिकायत पर की गई कार्रवाई की अंतिम रिपोर्ट सौंपते समय शिकायतकर्ता के साथ-साथ प्रबुद्ध नागरिक के हस्ताक्षर करवाने भी जरूरी होते हैं। 

 
उन्होंने बताया कि बाद में शिकायत में यह भी जानकारी दी गई कि लगभग 16 से 17 लाख रुपए तक की गड़बड़ी हुई है जबकि रिकवरी के रूप में 8.88 लाख रुपए की वसूली हुई है। सी.एम. विंडो पर नई शिकायत दर्ज करवाई गई थी जिसमें कहा गया था कि कांफेड के जिला प्रबंधक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच किए बिना ही जांच अधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट सौंप दी गई। मामले की समीक्षा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव द्वारा की गई और निर्णय लिया गया कि पूरे मामले की विजीलैंस जांच करवाई जाए। इस बात की भी जानकारी दी गई कि कांफेड जिला कार्यालय सिरसा द्वारा डिपोधारक प्रेमचंद्र जैन बरुवाली-। को वर्ष 2015 व 2016 में निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में राशन जारी किया है। इसलिए विजीलैंस जांच करवाने व कम दिए गए राशन की पूर्ति करवाने के निर्देश मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, निरीक्षक कश्मीरी लाल, जो वर्तमान में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, कैथल में कार्यरत है, के वेतन से 23395 रुपए की रिकवरी कर सरकारी खजाने में जमा करने के भी आदेश दिए गए हैं।

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