सुरजेवाला बोले- अब याचना नहीं रण होगा, ये धरती पुत्र की रणभेरी का शंखनाद है

Edited By vinod kumar, Updated: 20 Sep, 2020 08:46 PM

randeep surjewala attacked the government

किसान बिल विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में पास हो गया है। कृषि संबंधित दो बिल ध्वनि मत से पास हुए हैं, बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक दिन के तौर पर बताया है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने इसे...

चंडीगढ़ (धरणी): किसान बिल विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा में पास हो गया है। कृषि संबंधित दो बिल ध्वनि मत से पास हुए हैं, बिल पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक दिन के तौर पर बताया है। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने इसे अंधकारमय बताया है। उन्होंने कहा कि जान लें, अब याचना नहीं रण होगा। 

सुरजेवाला ने कहा कि आज 73 वर्षों में सबसे अंधकारमय दिन है। प.जवाहरलाल नेहरू पहला संविधान संशोधन लाए थे ताकि किसानों को जमीदारों के शोषण से मुक्त किया जाए और जमीन अन्नदाता को सौंपी जाए। मोदी तीन कानून लाए हैं कि किसानों की जमीन और उनकी उपज नए जमीदारों यानी पूंजीपतियों को सौंप दी जाए।

उन्होंने कहा  ने कहा कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इसलिए हुआ कि लॉर्ड डलहौजी ने भारतीयों से उनकी रियासतें, स्वशासन और हथियार छीन लिए थे। 2020 का स्वतंत्रता संग्राम इसलिए होगा की एक तानाशाह किसानों से उनकी जमीन और खेत-खलिहान छीन रहा है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि जान लें, अब याचना नहीं रण होगा। ये किसान-मजदूर-आढ़ती का आन्दोलन है। ये खेत खलिहान पर हमले के ख़िलाफ संघर्ष है। ये खेती को गुलाम बनाने के विरोध की आवाज है। ये अन्नदाता किसान-मजदूर की हुंकार व पुकार है। ये धरती पुत्र की रणभेरी का शंखनाद है। राजनीतिक रंग दे खारिज करने की भूल न करें।

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