Edited By Harman, Updated: 03 Jul, 2026 12:48 PM

रिटायरमेंट पर लोग आमतौर पर कार या सरकारी गाड़ी से घर लौटते हैं, लेकिन हरियाणा के पानीपत में एक सरकारी कर्मचारी ने अपनी विदाई को यादगार बना दिया। फूड एंड सप्लाई विभाग में 23 साल तक चपरासी के पद पर सेवा देने वाले 58 वर्षीय महाबीर बांगड़
पानीपत (सचिन शर्मा) : रिटायरमेंट पर लोग आमतौर पर कार या सरकारी गाड़ी से घर लौटते हैं, लेकिन हरियाणा के पानीपत में एक सरकारी कर्मचारी ने अपनी विदाई को यादगार बना दिया। फूड एंड सप्लाई विभाग में 23 साल तक चपरासी के पद पर सेवा देने वाले 58 वर्षीय महाबीर बांगड़ रिटायरमेंट के बाद करीब 100 फीट ऊंची हाइड्रा क्रेन की बूम पर सवार होकर अपने गांव पहुंचे। फूलों और रंग-बिरंगी चुन्नियों से सजी क्रेन पर उनका स्वागत देखने के लिए पूरे इलाके के लोग सड़कों पर उमड़ पड़े।

महाबीर बांगड़ ने बताया कि उन्होंने कई कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद विदाई लेते देखा था। तभी उन्होंने मन ही मन ठान लिया था कि जब उनकी बारी आएगी तो वह अपनी विदाई को सबसे अलग बनाएंगे। वर्षों पुराने इसी सपने को उन्होंने अब पूरा किया। कार या रथ की जगह उन्होंने हाइड्रा क्रेन चुनी और उसी पर सवार होकर अपने पैतृक गांव कवि में एंट्री की। इसी गांव के महिपाल ढांडा हरियाणा के शिक्षा मंत्री हैं। महाबीर के आगे थार, स्कॉर्पियो समेत कई गाड़ियों का काफिला चल रहा था। वहीं, वह हाइड्रा क्रेन पर सवार होकर डांस करते रहे।
बरसों पुरानी थी अनोखी विदाई की चाह
महाबीर बांगड़ के बेटे अमित के मुताबिक, उनके पिता का सपना था कि रिटायरमेंट के दिन वह आम लोगों की तरह गाड़ी से नहीं, बल्कि कुछ अलग अंदाज में घर लौटें। उनका कहना था कि यह दिन जिंदगी में सिर्फ एक बार आता है, इसलिए इसे हमेशा यादगार बनाया जाना चाहिए।

महाबीर ने खुद चुना हाइड्रा का आइडिया
जून 2026 की शुरुआत के साथ ही परिवार ने अनोखी विदाई की तैयारी शुरू कर दी। महाबीर बांगड़ परिवार और रिश्तेदारों से लगातार नए-नए आइडिया लेते रहे कि इस दिन को खास कैसे बनाया जाए। कई सुझावों के बीच उन्होंने खुद हाइड्रा क्रेन पर सवार होकर घर लौटने का विचार रखा। परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए तुरंत इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।