सीएम विंडो को छलावा साबित कर रहे शक्तियों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी

Edited By Shivam, Updated: 08 Nov, 2020 07:02 PM

officers who misuse powers are proving cheating of cm window

कोई भी अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करे व आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश की मनोहर सरकार ने उपमंडल स्तर पर सीएम विंडो जैसी सुविधा प्रदान की है। लेकिन यहां भी शक्तियों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी सीएम विंडो को छलावा...

ऐलनाबाद (सुरेंद्र सरदाना): कोई भी अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करे व आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रदेश की मनोहर सरकार ने उपमंडल स्तर पर सीएम विंडो जैसी सुविधा प्रदान की है। लेकिन यहां भी शक्तियों का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी सीएम विंडो को छलावा साबित कर देते हैं। ऐसा ही मामला सिरसा जिले के ऐलनाबाद खंड से सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, खण्ड के गांव काशी का बास के एक व्यक्ति अनिल कुमार पुत्र बीरबल राम ने ई-दिशा केंद्र में बने सीएम विंडो सुविधा केंद्र पर एक शिकायत की थी। शिकायत में यह लिखा कि गांव के एक डिपू होल्डर द्वारा गेहूं में मिलावट करने व कम गेहूं तोले जाने की रिपोर्ट पेश करते समय खाद्य आपूर्ति विभाग सिरसा के कर्मचारी द्वारा डिपू होल्डर के साथ सांठ-गांठ कर डिपू होल्डर को बचाने का प्रयास किया है, जिस से न्याय प्रभावित हुआ है।

चूंकि उक्त लिपिक द्वारा उक्त डिपू को निलंबन में सतीश कुमार द्वारा स्वयं हस्ताक्षर किए थे जब कि नियमन यह हस्ताक्षर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक द्वारा किए जाने अपेक्षित थे। उपायुक्त सिरसा ने भी इस जांच में लिखा है कि सतीश कुमार द्वारा सिर्फ स्वयं के हस्ताक्षर कर यह निलंबन करना त्रुटिपूर्ण है और यह एक गम्भीर चूक है। सतीश कुमार द्वारा की गई ऐसी चूक के खिलाफ करवाई को लेकर अनिल कुमार ने सीएम विंडो लगाई।

लेकिन नोडल अधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उपायुक्त सिरसा की जांच को जुठलाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट में यह लिखा है कि सतीश कुमार द्वारा माननीय हाईकोर्ट के डिपू बहाली के आदेशों की पालना हेतु नोटिंग पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

सतीश कुमार द्वारा किसी प्रकार की कोताही या उलंघना नहीं की गई। अब शिकायतकर्ता इस असमंजस में हैं कि उपायुक्त सिरसा की उस जांच को सही माने कि जिस में उन्होंने लिपिक द्वारा घोर त्रुटि की गई मानी है या फिर जांच अधिकार कम नोडल ऑफिसर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की उस जांच की जिस में यह जांच की गई है कि लिपिक सतीश कुमार द्वारा कोई उल्लंघना नहीं की गई है। खैर कुछ भी हो अधिकारी तो अधिकारी ही ठहरे, बेशक सरकार डाल-डाल है तो अधिकारी भी पात-पात हैं, बेशक सीएम विंडो की शिकायत की बात हो या फिर पीएम विंडो की।

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