Edited By Manisha rana, Updated: 07 Apr, 2026 09:52 AM

नीदरलैंड में पेड़ की छंटाई करते समय हुए हादसे में जान गंवाने वाले गांव माजरी के 23 वर्षीय युवक सागर राणा का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
गन्नौर (कपिल सांडिल्य) : नीदरलैंड में पेड़ की छंटाई करते समय हुए हादसे में जान गंवाने वाले गांव माजरी के 23 वर्षीय युवक सागर राणा का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। स्वजन व ग्रामीणों की आंखें नम थीं और पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
चचेरे भाई संदीप राणा के अनुसार सागर राणा बेहतर भविष्य के लिए विदेश जाना चाहता था। ऐसे में उसका संपर्क एक एजेंसी से हुआ। जिसने उसे फ्रांस में सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर फ्रांस भेज दिया, लेकिन वहां न तो भर्ती हुई और न ही स्थायी काम मिला। मजबूरी में सागर को निजी कंपनी में कम वेतन पर काम करना पड़ा। इसके बाद वह जनवरी 2026 में नीदरलैंड पहुंचा और छोटे मोटे काम करने लगा। वह एक निजी स्थान पर पेड़ काटने का कार्य कर रहा था। 21 मार्च को काम के दौरान संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
माता-पिता गहरे सदमे में
सागर राणा का पार्थिव शरीर सोमवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से गांव माजरी लाया गया। शव के पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता संजय और मां नीलम को इस हादसे की पहले कोई जानकारी नहीं थी। जैसे ही बेटे का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, दोनों को गहरा सदमा लगा और उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं परिवार के बाकी सदस्यों का भी रो रो कर बुरा हाल है। काफी संख्या में ग्रामीण घर पहुंच कर परिवार के सभी सदस्यों का ढांढस बांधते नजर आए।
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