आस्था के आड़े आ रही शहर में खुली मीट की दुकानें

Edited By Isha, Updated: 12 Jan, 2020 02:07 PM

meat shops open in the city of faith

नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही कहें या लेटलतीफी के कारण शहर में जगह-जगह खुली मीट की दुकानें लोगों की धार्मिक आस्था के आड़े आ रही हैं।  ऐसा कई वर्षों से जारी है। हालांकि

फतेहाबाद (मनोज): नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही कहें या लेटलतीफी के कारण शहर में जगह-जगह खुली मीट की दुकानें लोगों की धार्मिक आस्था के आड़े आ रही हैं।  ऐसा कई वर्षों से जारी है। हालांकि सरकार-प्रशासन द्वारा मीट बेचने के लिए बीघड़ रोड पर स्लाटर हाऊस भी बनाया गया है लेकिन मीट बेचने वाले किसी भी दुकानदार को न प्रशासन का डर है और न ही नगर परिषद के अधिकारियों का। 

लगभग 4-5 वर्ष पूर्व प्रशासन की सख्ती के बाद मीट की दुकानें शैल्टर हाऊस में शिफ्ट कर दी गई थीं लेकिन अधिकारियों की आगे दौड़ पीछे छोड़ की रणनीति के चलते मीट संचालकों ने वापस अपनी दुकानें शहर में लाकर मीट बेचना शुरू कर दिया।

धार्मिक झांकी या कीर्तन निकालने के समय श्रद्धालुओं को होती है परेशानी
सबसे अधिक परेशानी तो श्रद्धालुओं को उस समय होती है जब किसी संस्था द्वारा धार्मिक झांकी या कीर्तन निकाला जाता है। उस दौरान मीट की दुकानें खुली रहती हैं। जैन धर्म द्वारा साल में एक बार पर्युषण पर्व मनाया जाता है और जैन सभा के अधिकारियों द्वारा प्रशासन से मीट की दुकानें बंद करने की गुहार लगाई जाती है, लेकिन किसी भी मीट संचालक द्वारा दुकान बंद नहीं की जाती। ज्ञात रहे कि कुछ वर्ष पूर्व निकाय मंत्री कविता जैन द्वारा पर्युषण पर्व के दिन शहर की सीमा के अंदर आती सभी मीट की दुकानें बंद करवाने के आदेश दिए गए थे। उस समय भी कई मीट संचालकों ने आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए मीट की दुकानें खुली रखी।


 

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