सिरसा में टिकट बुकिंग क्लर्क गिरफ्तार, लाखों का किया था घोटाला, ऐसे खुला राज...

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 12 Jan, 2026 04:03 PM

ticket booking clerk arrested in sirsa for a scam worth millions here s how the

सिरसा में रेलवे में टिकट बुकिंग क्लर्क द्वारा लाखों का घोटाला करने का मामला सामने आया

सिरसा (सतनाम सिंह) : सिरसा में रेलवे में टिकट बुकिंग क्लर्क द्वारा लाखों का घोटाला करने का मामला सामने आया है। यहां रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत पति की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर टिकट बुकिंग क्लर्क के पद पर नियुक्त ज्योति शर्मा को जीआरपी ने 2.29 लाख रुपये के गबन के मामले में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी कर्मचारी ने अपने दूसरे पति और खुद के शौक पूरे करने के लिए राशि गबन की। डिजिटल डाटा रिकॉर्ड और कैश जमा करवाने में अंतर मिलने पर मामले की जांच के लिए अंबाला के एसपी ने एसआईटी गठित की  थी।

जानकारी के अनुसार एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने बताया कि मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा ने शिकायत दी थी कि पिछले साल 18 व 19 अक्टूबर को रेलवे में जमा होने वाली राशि में 1,15,265 रुपये की कमी मिली। इसके बाद सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी गई। बाद में 21 और 22 अक्टूबर का कुल कैश 1,13,960 रुपये स्टेशन की अलमारी में रखकर दोनों चाबियां राजीव शर्मा अपने पास लेकर स्टेशन अधीक्षक से मिलने चले गए। लौटने पर अलमारी से कैश गायब मिला, जबकि दोनों चाबियां उनके पास ही थीं। उस समय टिकट बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा मौके पर मौजूद नहीं थी। इसके बाद जीआरपी पुलिस को सूचना दी गई। 22 अक्तूबर 2025 को ज्योति शर्मा को निलंबित कर दिया गया था।
 
आरोपी महिला को हनुमानगढ़ से किया गिरफ्तार 

गबन की सूचना पर पहुंचे उच्चाधिकारी मामला सामने आने के बाद बीकानेर मंडल की उच्च स्तरीय टीम डबवाली पहुंची। 12 सदस्यीय टीम ने टिकट बुकिंग से जुड़े डिजिटल डाटा व कैश रिकॉर्ड की जांच की। इसके साथ ही आरोपी के दो वर्षों के कार्यकाल के रिकॉर्ड की भी गहन जांच शुरू की गई। 6 जनवरी को एसआईटी ने आरोपी ज्योति शर्मा को हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया था। अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। रिमांड के दौरान गबन की राशि बरामद की गई और कई अहम तथ्य सामने आए। रिमांड पूरा होने पर आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

 डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर निकाला था कैश 

एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने अलमारी की तीसरी डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर कैश निकाला था। यह चाबी उसने एक फेरी वाले से बनवाई थी। आरोपी पहले से कैश जमा होने की प्रक्रिया पर नजर रखे हुए थी। मूल रूप से बीकानेर निवासी ज्योति शर्मा अपने दूसरे पति के साथ हनुमानगढ़ में रहती है। पूछताछ में सामने आया कि उसने गबन की राशि से कार, बुलेट मोटरसाइकिल और गहने खरीदे।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें) 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!