Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 30 Jan, 2026 02:53 PM

नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सीवर एवं नालों की सफाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास (पीइएमएसआरए) अधिनियम, 2013 के...
गुड़गांव, (ब्यूरो): नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सीवर एवं नालों की सफाई के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास (पीइएमएसआरए) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें सुरक्षित सीवर सफाई पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
कार्यक्रम के लिए MCG ने प्रकाश कंसल्टेंसी से गौरव कालिया को आमंत्रित किया, जो शहरी स्थानीय निकाय विभाग एवं पीएचइडी द्वारा अधिकृत सेफ्टी प्रोफेशनल्स ट्रेनिंग एजेंसी से जुड़े हैं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान सीवर और नालों की सफाई में उपयोग होने वाले सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग का हैंड्स-ऑन डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए। सफाई कर्मचारियों को गैस डिटेक्टर, सेफ्टी हार्नेस, ऑक्सीजन सपोर्ट, हेलमेट, दस्ताने और अन्य सुरक्षा किट के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।
मुख्य अभियंता ने एसओपी के सख्त पालन पर दिया जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अभियंता विजय ढाका ने किया। उन्होंने सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा उपायों, सावधानियों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के सख्त पालन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सफाई मित्रों से अपील की कि वे सुरक्षा उपकरणों के उपयोग को गंभीरता से सीखें और फील्ड में कार्य करते समय उनका अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि MCG के सभी सफाई मित्रों को मासिक बैचों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के सख्त निर्देश-मैन्युअल स्कैवेंजिंग पूर्णत: प्रतिबंधित
गौरतलब है कि एमसीजी आयुक्त प्रदीप दहिया द्वारा हाल ही में पीइएमएसआरए अधिनियम 2013 तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय एवं सीपीएचईईओ द्वारा जारी एसओपी के पूर्ण अनुपालन के सख्त निर्देश जारी किए गए थे। इन आदेशों के तहत सीवर एंट्री प्रोफेशनल्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना अनिवार्य किया गया है, मैन्युअल स्कैवेंजिंग और बिना सुरक्षा उपकरण सीवर में प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित है, सीवर में प्रवेश केवल अत्यंत आपात परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। ऐसे मामलों में केवल प्रशिक्षित पेशेवर सफाई मित्रों को ही अनुमति होगी और सभी निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं एसओपी का बिना किसी अपवाद के पालन करना अनिवार्य होगा।
सफाई मित्र प्रतिनिधि ने सराहा कदम
शहर के सफाई मित्रों के प्रधान राकेश वाल्मीकि ने MCG की इस पहल की सराहना की। उन्होंने सभी सीवर कर्मचारियों से अपील की कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। MCG की यह पहल न केवल कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि सफाई मित्रों के जीवन की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।