ITI छात्रों को बड़ी राहत: आर्थिक रूप से कमजोर प्रशिक्षुओं को मिलेगा 2,000 मासिक स्टाइपेंड, रोजगार से जुड़ेगा प्रशिक्षण

Edited By Isha, Updated: 30 Jun, 2026 01:49 PM

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हरियाणा सरकार तकनीकी शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा सरकार तकनीकी शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की तैयारी है। इसके साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की मौजूदा आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और व्यावहारिक बनाया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करते ही युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 197 सरकारी और 180 निजी सहित कुल 377 आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन संस्थानों में करीब एक लाख सीटों पर दाखिले होंगे। सरकार का लक्ष्य आर्थिक सहायता, आधुनिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ तालमेल के माध्यम से कुशल एवं रोजगार योग्य मानव संसाधन तैयार करना है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य अब सीधे रोजगार
राज्य सरकार ने आईटीआई की शिक्षा व्यवस्था को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप नया स्वरूप देना शुरू कर दिया है। बाजार की मांग के अनुसार कई नए ट्रेड शुरू किए गए हैं, जबकि पुराने पाठ्यक्रमों को भी अपडेट किया गया है। प्रशिक्षण इस तरह तैयार किया जा रहा है कि विद्यार्थी केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि उद्योगों में तुरंत काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम बन सकें।

ड्यूल सिस्टम से मिलेगा उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव
सरकार ने ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) को विशेष महत्व दिया है। इसके तहत विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। आधुनिक मशीनों पर कार्य, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा मानकों का अनुभव प्रशिक्षण अवधि में ही कराया जाएगा। इससे युवाओं को उद्योगों की कार्यशैली समझने में आसानी होगी और रोजगार मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

89 से अधिक ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण
प्रदेश के सभी आईटीआई में 89 से अधिक इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पारंपरिक ट्रेडों के साथ आधुनिक तकनीक आधारित पाठ्यक्रमों को भी शामिल किया गया है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं की मांग उद्योगों में बढ़ सके।

प्रवेश प्रक्रिया को बनाया गया सरल
दाखिला प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रत्येक आईटीआई में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां आवेदन भरने, दस्तावेजों के सत्यापन, ट्रेड चयन और सीट आवंटन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बन सके।

आठवीं से बारहवीं पास तक के लिए अवसर
आईटीआई के विभिन्न ट्रेडों में आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग ट्रेडों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है, इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता के अनुसार ट्रेड का चयन करना होगा।

स्टाइपेंड से बढ़ेगी तकनीकी शिक्षा की पहुंच
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रस्तावित ₹2,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने से प्रशिक्षण के दौरान होने वाले खर्च का बोझ कम होगा। इससे अधिक संख्या में युवा तकनीकी शिक्षा से जुड़ सकेंगे। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता और उद्योग आधारित प्रशिक्षण का यह मॉडल प्रदेश में कुशल, आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
 
 
 

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