1 जुलाई से मनरेगा की जगह लेगी वीबीजीरामजी, अब मिलेगा 125 दिन का रोजगार

Edited By Harman, Updated: 29 Jun, 2026 09:31 AM

vbjramji will replace mgnrega starting july 1st

एक जुलाई से लागू होने वाले वीबीजीरामजी अधिनियम के तहत लागू होने वाली महात्मा गांधी मनरेगा की

चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी) : एक जुलाई से लागू होने वाले वीबीजीरामजी अधिनियम के तहत लागू होने वाली महात्मा गांधी मनरेगा की 'उत्तराधिकारी' योजना के औपचारिक लोकार्पण का  समारोह दो जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में  होगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुआई में होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में राज्यों के ग्राम विकास मंत्री किसी न किसी गांव से वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में प्रतिभागिता करने दिल्ली पहुंचे हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने यहां मीडिया को इसकी जानकारी दी।

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अधिकांश राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने नई योजना को लागू करने के लिए आधारभूत तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में ग्राम विकास मंत्रालय के शिखर अधिकारियों ने योजना लागू करने की तैयारियों की राज्य अनुसार समीक्षा की। उन्होंने बताया कि नया अधिनियम एक जुलाई से मनरेगा की विदाई के साथ लागू हो जाएगा। मगर हर राज्य को नई योजना के अपने स्वरूप व नियम अधिसूचित करने हैं। 18 राज्य आज तक इस महत्वपूर्ण चरण को पूरा कर चुके हैं। हरियाणा में सोमवार तक इसकी अधिसूचना जारी होना प्रस्तावित है।                                  
                                                                                                
 हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. चौहान ने बताया कि उनका संस्थान वीबीजीरामजी को लागू करने में अहम भूमिका निभाने वाले हरियाणा के  अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर कर जारी रखे हुए है। यह प्रशिक्षण अंततः जिला व खंड स्तर तक जा कर सरपंचों / ग्राम सचिवों तक को दिया जाना प्रस्तावित है।

वीबीजीरामजी को लेकर फैलाई जा रही आशंकाओं के संदर्भ में संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना में पहले की तुलना में अधिक दिन (125) कार्य दिया जाएगा। नई योजना में अधिक पारदर्शिता होगी मगर सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नई तकनीक का उपयोग श्रमिकों के अधिकार के रास्ते में बाधा बनने के बजाय उनका मददगार साबित हो। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि काम मांगने वाले किसी भी कामगार का एक घंटे का रोजगार का हक व्यर्थ न जाए। उन्होंने कहा कि नई योजना में होने वाले कार्यों की सूची में आने वाले दिनों में सुधार और विस्तार जारी रहेगा।

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