आत्मनिर्भर महिला: जुलाना की कविता को बगिया का शौक, उगाई 3 फीट की गाजर...देखकर हर कोई हैरान

Edited By Manisha rana, Updated: 09 Feb, 2026 04:00 PM

julana kavita is fond of gardening grows 3 feet long carrot

जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर-1 निवासी कविता का बगिया के प्रति शौक अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कविता ने अपने घर के आगे खाली पड़ी जमीन को सब्जियों की छोटी-सी बगिया में तब्दील कर दिया है, जहां वह पूरी तरह ऑर्गेनिक सब्जियां उगा रही हैं।

जुलाना (विजेंद्र सिंह) : जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर-1 निवासी कविता का बगिया के प्रति शौक अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। कविता ने अपने घर के आगे खाली पड़ी जमीन को सब्जियों की छोटी-सी बगिया में तब्दील कर दिया है, जहां वह पूरी तरह ऑर्गेनिक सब्जियां उगा रही हैं। खास बात यह है कि इस बार उनकी बगिया में लगभग 3 फीट लंबी गाजर उगी है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। 

कविता ने बताया कि उन्हें बागवानी का शौक पहले से ही था, लेकिन सब्जियां खुद उगाने का विचार उन्हें सोशल मीडिया से मिला। उन्होंने देखा कि आजकल बाजार में मिलने वाली सब्जियों में कीटनाशकों और रसायनों का अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है, जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी रसोई में बाहर की सब्जियों का प्रयोग लगभग बंद कर दिया और खुद सब्जियां उगाने का निर्णय लिया। कविता ने अपने घर के सामने खाली पड़ी जमीन को साफ कर वहां क्यारी बनाईं और धीरे-धीरे गाजर, मूली, पालक, धनिया, मिर्च, टमाटर सहित कई तरह की सब्जियां उगानी शुरू कीं। वह पूरी तरह प्राकृतिक तरीकों से खेती करती हैं। 

उन्होंने बताया कि वह किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं करतीं, बल्कि गोबर की खाद और घरेलू जैविक खाद का प्रयोग करती हैं। इस बार उनकी बगिया में उगी 3 फीट लंबी गाजर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। कविता का कहना है कि सही देखभाल, समय पर सिंचाई और प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल से सब्जियों की पैदावार बेहतर होती है। इतना ही नहीं, वह सब्जियों के बीज भी खुद ही तैयार करती हैं, ताकि बीजों की शुद्धता बनी रहे। पड़ोस के लोग भी कविता की इस पहल से प्रेरित हो रहे हैं। कई महिलाएं और युवा उनसे बगिया लगाने और ऑर्गेनिक सब्जियां उगाने के तरीके सीखने आ रहे हैं। कविता का कहना है कि अगर हर घर में थोड़ी-सी जगह पर भी सब्जियां उगाई जाएं तो न केवल परिवार को शुद्ध भोजन मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। कविता की यह पहल न सिर्फ आत्मनिर्भरता की मिसाल है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का भी संदेश देती है। उनकी बगिया आज यह साबित कर रही है कि शौक और सही जानकारी के साथ घर पर भी बेहतरीन और पौष्टिक सब्जियां उगाई जा सकती हैं।

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